मुलताई,छिन्दवाड़ा की ओर से फोरलेन मार्ग पर पावर प्लांट के लिए जनरेटर लेकर जा रहा एक 200 टायर वाला लगभग 250 फीट लंबा ट्राला कामथ तिराहे से होकर गुजरा जिसके लिए एनएचएआई द्वारा कामथ पर बने डिवाईडर को तोडऩा पड़ा जिसके बाद ही ट्राला फोरलेन मार्ग पर पहुंचा। इस दौरान लगभग आधा घंटे तक मुलताई से छिन्दवाड़ा एवं नागपूर मार्ग पर ट्रेफिक जाम रहा। कामथ तिराहे पर सुबह लगभग 9 बजे से ही एनएचएआई के कर्मचारियों द्वारा तिराहे पर बने डिवाईडर को तोडऩा प्रारंभ कर दिया गया था जिसके बाद दोपहर लगभग 2.30 बजे ट्राला छिन्दवाड़ा की ओर से आकर कामथ तिराहा होते हुए नागपूर मार्ग की ओर मुड़ा। ट्राला अत्याधिक लंबा होने के कारण मुडऩे के दौरान डिवाईडर बीच में आने से डिवाईडर तोड़ा गया जिसका सर्वे पहले से ही एनएचएआई ने कर लिया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार अहमदाबाद गुजरात से वाराणसी उत्तर प्रदेश ट्राला जा रहा था जिसमें ओबरा उत्तर प्रदेश स्थित पावर प्लांट के लिए गार्डर ब्रिज पावर जनरेटर ले जाया जा रहा था। उक्त वाहन के रूट में घाट सेक्शन आने के कारण उसे छिन्दवाड़ा होते हुए फोरलेन से ले जाया गया। इस संबन्ध में वाहन ले जा रहे ट्रांसपोर्ट मैनेजर बाला मुर्गन ने बताया कि पावर जनरेटर ले जाने के लिए विशेष ट्राले का उपयोग किया गया है जिसका रूट तय होने के बाद एनएचएआई से स्वीकृति लेकर जहां-जहां व्यवधान थे उन्हे हटाया गया।
20 कर्मचारियों के साथ ट्राला मोडऩे में लगा आधा घंटा
छिन्दवाड़ा की ओर से नागपूर मार्ग की ओर जाने के लिए मोड़ होने से ट्राले को मोडऩे में लगभग आधा घंटे का समय लगा। उक्त ट्राले के साथ चालकों की टीम के साथ ही 20 कर्मचारी भी थे जो ट्राला मोडऩे में पूरे मार्ग पर दिशा निर्देश दे रहे थे। कामथ तिराहे पर डिवाईडर तोड़कर मार्ग साफ करने के बावजूद भी ट्राला मोडऩे में समय लगा इस दौरान तीन ओर का ट्रेफिक जाम रहा। कामथ मुख्य मार्ग के आसपास निवास करने वाले लोगों ने बताया कि ट्राला मुलताई से गुजरने के पूर्व ही एनएचएआई द्वारा डिवाईडर तोड़कर मार्ग से हटा दिया गया था जिसके बाद ट्राला गुजरा।
बंजारी माता मोड़ तथा घाट पिपरिया के पूर्व हुई परेशानी
ट्राले को ले जाने वाले ट्रांसपोर्ट मैनेजर बाला मुर्गन ने बताया कि छिन्दवाड़ा मार्ग पर दो स्थानों पर ट्राले को निकालने में परेशानी आई है। बंजारी माता की मोड़ पर ट्राला निकालने के लिए भी कुछ तोडफ़ोड़ की गई वहीं घाट पिपरिया के पूर्व घाट सेक्शन में भारी मशक्कत के बाद ट्राला निकाला गया। उन्होने बताया कि इसके बाद मुलताई के कामथ तिराहे पर डिवाईडर हटने से अधिक परेशानी नही हुई जहां से ट्राला फोरलेन मार्ग पर पहुंच गया इसके बाद आगे कोई खास परेशानी नही होगी। उन्होने बताया कि रूट पहले से तय होने से तथा एनएचएआई के सहयोग से ट्राला फोरलेन मार्ग पर पहुंचा है।
फिर से बनाए जाएगें डिवाईडर
एनएचएआई द्वारा कामथ तिराहे से डिवाईडर को तोड़कर हटाया गया है वहीं एनएचएआई द्वारा पुन: कुछ दिनों में डिवाईडर बनाया जाएगा। बताया जा रहा है कि कामथ तिराहे से नागपूर तथा छिन्दवाड़ा सहित मुलताई की ओर आवागमन होता है जहां तिराहे पर डिवाईडर होना आवश्यक हे। पूर्व में डिवाईडर नही होने से अत्याधिक दुर्घटनाएं होती थी तथा डिवाईडर बनने के उपरांत दुर्घटनाओं में कमी आई है। कामथ के निवासियों के अनुसार जिस तरह आनन-फानन में एनएचएआई द्वारा डिवाईडर तोड़ा गया है उतनी ही मुस्तैदी से निर्माण भी होना चाहिए अन्यथा दुर्घटनाएं फिर से होने लगेगी।