भोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को स्टार प्रचारकों की सूची से हटाने के मामले में कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वरिष्ठ अधिवक्ता और सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि चुनाव आयोग ने कमलनाथ को स्टार प्रचारक की सूची से हटाने संबन्धी आदेश असंवैधानिक, आलोकतंत्रिक है। इस आदेश के संवैधानिक अधिकारों के विरूद्ध होने के आधार पर उच्चतम न्यायलय के सामने इसको चुनौती दी गई है। तन्खा ने कहा कि चुनाव प्रचार थमने के महज दो दिन पहले कमलनाथ को स्टार प्रचारकों की सूची से हटाने का फैसला अलोकतांत्रिक है।
कमलनाथ और कांग्रेस को इस संबंध में कोई नोटिस दिए बिना ये कार्यवाही की गई। हमारी सुप्रीम कोर्ट से मांग है कि वो लोकतंत्र को बचाने के लिए इस मामले में हस्तक्षेप करे। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि और पूर्व गृह मंत्री सरदार पटेल की जयंति पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित करने पीसीसी पहुंचे कमलनाथ ने कहा कि मैंने अपने लम्बे राजनीतिक जीवन में देश-प्रदेश में कई चुनाव देखे, कई चुनाव लड़े, कई लड़वाए। मैं जानता हूं कि विरोधी दल की क्या परिस्थिति होती है, जब वह हार रहे होते हैं, एक स्थिति होती है जब वह पिट रहे होते हैं, तब वो प्रशासन का, पुलिस का, शराब का,पैसे का दुरुपयोग करना शुरू कर देते हैं। कमलनाथ ने कहा कि मुझे प्रदेश के मतदाताओं पर पूरा विश्वास है ,मुझे पूरा भरोसा है कि मतदाता प्रदेश का भविष्य सुरक्षित रखेंगे। किस प्रकार यह सौदेबाजी की व बिकाऊ सरकार बनी है, जनता यह सच्चाई समझती है और जनता इनको मुंहतोड़ जवाब देगी। भाजपा का पूरा प्रयास चल रहा है, वे तड़प रहे हैं, अब प्रश्न उनके हारने का नहीं है, अब तो प्रश्न हर सीट पर कितने से हारने का बचा है।
कानून का खुला उल्लंघन
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं चुनाव आयोग का सम्मान करता हूं और हमारी शिकायतों पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए उन पर कार्यावाही भी की है लेकिन कमलनाथ का नाम स्टार प्रचारकों की सूची से हटाना स्वयं आयोग के नियमों और कानून का खुला उल्लंघन है। स्टार प्रचारकों का नाम सूची में जोडऩे और हटाने का अधिकार राजनीतिक दल को है न कि चुनाव आयोग को।
कांग्रेस ने कमलनाथ को स्टार प्रचारकों की सूची से हटाने के चुनाव आयोग के फैसले को SC में दी चुनौती