जबलपुर, दसवी और बारहवीं के छात्रों का कहना है कि माशिमं के बाजार में पाठ्यक्रम आधारित शैक्षणिक सामग्री व सैंपल पेपर नहीं मिलने से उन्हें आगामी परीक्षा की तैयारी करने में कठिनाई हो रही है। क्योंकि इस बार कोरोना के चलते नए शैक्षणिक सत्र में स्कूलों नियमित कक्षाएं भी नहीं लग पाईं, वहीं कोचिंग क्लासेस भी बंद रहीं। ऑनलाइन पढ़ाई वे ही छात्र कर पाए हैं जिनके पास एंड्राइड फोन है अथवा आर्थिक रूप से संपन्न हैं।
प्रभावित हो रही पढ़ाई
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हर साल अगस्त-सितंबर माह तक हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के लिए ब्लूप्रिंट जारी कर दिए जाते थे। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के कारण अब तक यह प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी। विधानसभा उपचुनाव होना भी ब्लूप्रिंट जारी नहीं होने के पीछे एक प्रमुख कारण है। छात्रों का कहना है चार माह से स्कूल बंद हैं तथा कोचिंग क्लासेस भी नहीं लग रहीं। इससे उनकी न केवल पढ़ाई प्रभावित है, बल्कि छात्रों को यह चिंता सता रही है कि अगर पूर्व की भांति बोर्ड परीक्षा मार्च में हुई तो उनके पास सिर्फ चार महीने का समय ही तैयारी के लिए बचा है।
10 दिसंबर तक विलंब शुल्क 2 हजार रु
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सरकारी स्कूलों में हाईस्कूल के लिए 5 हजार 500 रुपए फीस निर्धारित की है, वहीं हायर सेकंडरी परीक्षा के लिए छात्र को 10 हजार 500 रुपए जमा कराने होंगे। अगर छात्र किसी कारणवश 26 अक्टूबर से 25 नवंबर तक परीक्षा फार्म नहीं भर पाया तो वह 26 नवंबर से 10 दिसंबर तक 2 हजार रुपए विलंब शुल्क जमा कर फार्म भर सकता है। इसके बाद 11 दिसंबर से 31 दिसंबर तक 5 हजार रुपए विलंब शुल्क के साथ परीक्षा फार्म भर सकता है। इतना ही नहीं 1 जनवरी से 31 जनवरी 2021 तक 10 हजार रुपए विलंब शुल्क जमा करने सुविधा है।
25 नवंबर तक भरें फार्म
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हाईस्कूल व हायरसेकंडरी परीक्षा फार्म भरने की तिथि घोषित कर दी है। जिसके मुताबिक 26 अक्टूबर से ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरे जाएंगे। ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 25 नवंबर निर्धारित है। मंडल की परीक्षा के लिए केवल वही छात्र आवेदन कर सकेगाए जिसका स्कूल द्वारा ऑनलाइन नामांकन कराया गया है।
दसवी-बारहवीं के पेपर का अब तक ब्लूप्रिंट ही नहीं, कैसे हो तैयारी