भोपाल, वर्क फ्रॉम होम खत्म होने के बाद भी शुक्रवार को सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही। सरकार ने विभागाध्यक्षों की पीड़ा के बाद अफसर-कर्मचारियों का वर्क फ्रॉम होम खत्म कर दिया हैं, लेकिन लगता हैं उनका घर से मोह अभी छूटा नहीं है। लंबे अरसे बाद अचानक दफ्तर लौटने में कई कर्मचारी आना-कानी कर रहे हैं। अष्टमी, नवमी, दशहरा के बहाने कईयों ने शुक्रवार के दिन की छुट्टी ले ली। मंत्रालय सहित बड़े दफ्तरों में 70 प्रतिशत के आसपास ही उपस्थिति रही। अफसरों ने माना कि दशहरा के बाद मंगलवार से फुल अटेंडेंस की उम्मीद है।
नए आदेश के बाद सतपुड़ा, विंध्याचल और मंत्रालय में भी सभी कर्मचारियों को ऑफिस आने को कहा गया। इनमें करीब 56 विभाग हैं, जिसमें 9000 के आसपास कर्मचारी हैं। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के लिए अलग से कोई खास व्यवस्था नजर नहीं आई। कर्मचारी नेता सुधीर नायक ने बताया मंत्रालय में करीब 3000 कर्मचारी हैं। इसमें 2200 स्टाफ है, जबकि आठ सौ के आसपास अटैच कर्मचारी हैं। शुक्रवार से वर्क फ्रॉम होम के आदेश हो गए हैं, हालांकि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के आने से फर्क तो पड़ेगा, लेकिन सभी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अधिकारियों से बात कर कर्मचारियों के लिए सैनिटाइजर, हाथ धोने के लिए साबुन समेत अन्य व्यवस्था किए जाने की मांग की है। कर्मचारी नेता लक्ष्मी नारायण ने बताया कुछ ने ऑफिस नहीं आने के कारण छुट्टी ले ली है। हम अधिकारियों से बात कर कोविड गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन कराए जाने को लेकर बात कर रहे हैं।
देश के अन्य राज्यों में यह गाइडलाइन है
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आर के तिवारी ने कोरोना महामारी के बचाव के साथ प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में 50 प्रतिशत का रोस्टर जारी किया है। सचिवालय में काम करने वाले आधे समीक्षा अधिकारी ही रोज सचिवालय आ रहे हैं। समूह ग व घ के कर्मचारियों की उपस्थिति भी 50 प्रतिशत रहती है। कर्मचारियों की कमी के चलते समूह ‘कÓ व ‘खÓ के सभी कर्मचारी ऑफिस आ रहे हैं। महाराष्ट्र में ग्रुप ए और बी के सभी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। बाकी कार्यालय 30 फीसदी क्षमता के साथ खुल रहे हैं।
सतपुड़ा, विंध्याचल और मंत्रालय में 70 % कर्मचारी ही पहुंचे दफ्तर