बैतूल में पीआईयू के कार्यपालन यंत्री और एसडीओ में आमला कार्यालय निर्माण स्थल पर हुई हाथापाई

बैतूल, लंबे समय से विवादों में चल रहे पीडब्ल्यूडी पीआईयू में बुधवार को दो अधिकारियों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। नौबत भी ऐसी कि एक अधिकारी ने दूसरे अधिकारी के खिलाफ अजाक थाने तक दस्तक दे दी है। उन्होंने शिकायत की है या नहीं इसको लेकर अभी पुष्टि नहीं हो पा रही है, लेकिन सूत्रों का कहना कि उन्होंने आवेदन जरूर बनाया था। यह पूरा घटनाक्रम आमला में कॉलेज बिल्डिंग निर्माण स्थल पर निरीक्षण के दौरान हुआ है। घटना का कारण क्या है इसको लेकर दोनों अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है और दोनों ही फोन अटैंड नहीं कर रहे है। कुछ लोगों का दावा है कि एसडीओ बारस्कर और ईई आलोक श्रीवास्तव में हाथापाई जबरदस्त स्तर पर हुई है। जिसमें ईई के कपड़े फटने की भी बात सामने आ रही है। इधर एक अन्य दावा यह है कि पीआईयू का पूरा स्टाफ एक तरफ हो चुका है और एसडीओ के पीछे लामबंद है। यह स्थिति देखने के बाद ईई के मुख्यालय छोड़कर जाने की भी जानकारी सामने आ रही है। इतना बड़ा घटनाक्रम होने के बाद जिला प्रशासन या पीडब्लयूडी के आला अधिकारियों ने क्या कदम उठाया है इसको लेकर भी कोई स्पष्टता सामने नहीं आई है। जबकि ऐसे मामलों में त्वरित कदम उठाया जाना चाहिए क्योंकि इससे प्रशासन की छवि धूमिल होती है।
थर्ड पार्टी की शिकायतें और आरटीआई के कारण लंबे समय से पीआईयू में चल रहा है विवाद और तनाव
पीआईयु में ईई आलोक श्रीवास्तव की पदस्थपना के बाद उनके अधीनस्थ कर्मचारियों और अधिकारियों के विरूद्ध लगातार शिकायतें हो रही थी और उनसे जुड़े हुए मामलो को लेकर कई तरह की आरटीआई लगाई जा रही थी। पीआईयू के कर्मचारी और अधिकारियो का कहना है कि यह जो थर्ड पार्टी यह सब गतिविधियां हो रही है। क्योंकि इनके पीछे ईई आलोक श्रीवास्तव की भूमिका नजर आती है। कई शिकायतें और आरटीआई ऐसी है जो विभागीय तौर पर गोपनीय मसलों से जुड़ी हुई है। ऐसी चीजें जब बाहर जा रही थी तब कर्मचारी और अधिकारियों ने पूर्व में ईई से कई बार निवेदन भी किया, लेकिन यह सब बंद नहीं हुआ बल्कि बढ़ गया। जिसके बाद पूर्व में एक बार विवाद हो चुका है। जिसको लेकर कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया गया था, लेकिन उस मामले के बावजूद भी ईई की कार्यप्रणाली और तौर तरीकों में कोई बदलाव नहीं आया। कर्मचारी, अधिकारी मानसिक तनाव में रहने लगे और इसी तनाव की परीणिती यह रही कि आमला कॉलेज जैसा घटनाक्रम हो गया। बताया गया कि ईई के कारण इंजीनियर और एसडीओ यहां से तबादला करके भागने की तैयारी में है।
आमला कॉलेज बिल्डिंग को लेकर शिकायत की जांच को लेकर विवाद
सूत्र बता रहे कि आमला कॉलेज की जो बिल्डिंग बन रही है उसको लेकर कोई शिकायत हुई है। इस शिकायत में कुछ ऐसे गोपनीय दस्तावेज हाथ लगे कि जो विभागीय है जो बाहर नहीं जा सकते। यह ऐसे दस्तावेज बताए जा रहे है जो आरटीआई में भी नहीं दिए जाते। ऐसे दस्तावेजों के साथ शिकायत होने को लेकर जब एई जांच करने पहुंचे तो एसडीओ ने सवाल खड़े किए और इस बात को लेकर कहासुनी हुई और इसी कहासुनी में बात हाथापाई तक पहुंची और इस हाथापाई में जमकर लात घूसे चले है।
ईई श्रीवास्तव के आने के बाद वर्किंग प्रोग्रेस भी नीचे स्तर पर पहुंची
ईई की कार्यप्रणाली पहले दिन से विवादित है। इनका एक ठेकेदार के साथ विवाद हुआ, अन्य कर्मचारियों से विवाद हो चुका है। इनके खिलाफ ज्ञापन भी दिया जा चुका है। कहा जाता है कि भाजपा के आला नेता हटाना चाहते है, लिखकर भी दिया है, लेकिन इन्हें हटाया नहीं जा रहा, लेकिन इस तरह के अधिकारियों के कारण जिले में जो निर्माण कार्य चल रहे है वह भी प्रभावित हो रहे है। हालत यह थी कि लॉकडाउन अवधि में ईई मुख्यालय पर ही नहीं थे। करीब डेढ़ से दो महीने वे जबलपुर में थे। वर्तमान में पीआईयू का काम में प्रोग्रेस नहीं आ रही है। जिसकी वजह से पेमेंट उलझ रहे है और काम बंद हो रहे है।
नवल-वर्मा की रिपोर्ट

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