मप्र में अब सांसद और विधायक बन सकेंगे सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष

भोपाल, प्रदेश की सहकारी संस्थाओं में अब सांसद और विधायक भी अध्यक्ष बन सकेंगे। शिवराज सरकार ने इसके आड़े आ रहे प्रावधान को हटा दिया है। इसके लिए मसहकारिता विभाग ने मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश जारी किया है।
इसके तहत अब कोई भी संसद या विधानसभा के सदस्य के रूप में निर्वाचित होने वाला व्यक्ति भी अध्यक्ष बन सकेगा। इसके साथ ही किसी शीर्ष या केंद्रीय संस्था में अध्यक्ष नहीं होने की सूरत में पदस्थ प्रशासक को सलाह देने के लिए एक समिति बनाई जाएगी। इसमें पांच सदस्य होंगे।
इनमें तीन ऐसे सदस्य रहेंगे, जो संचालक मंडल के सदस्य चुने जाने की पात्रता रखते होंगे। इसके अलावा पंजीयक सहकारिता और वित्त विभाग का एक प्रतिनिधि भी समिति में रहेगा। इसके साथ ही सरकार ने यह भी तय किया है कि सहकारी समितियों में अब शासन की अंशपूंजी 25 फीसद अधिक रखी जा सकेगी।

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