भोपाल, मध्य प्रदेश में मवेशियों में संक्रामक बीमारी तेजी से फैल रही है। वायरसजनित इस बीमारी का नाम लम्पी स्किन डिजीज दिया गया है। करीब एक साल पहले ओडिशा में मवेशियों में यह बीमारी फैली थी। विज्ञानियों ने इस वायरस को क्रैंपी पाक्स परिवार का नया वायरस बताया है। यह कोरोना जैसा ही है। मध्य प्रदेश के महाकौशल और विंध्य संभाग में करीब 109 गांवों में मवेशियों के इस बीमारी से ग्रसित होने की पुष्टि हुई है। इस रोग में मवेशी की त्वचा पर गांठें बनती हैं और जोड़ों में सूजन आ जाती है। त्वचा पर बनी गांठ घाव का रूप ले लेती है। संक्रमित मवेशियों का तापमान बढ़ता है और उनकी मौत हो जाती है। पशु विज्ञानियों का दावा है कि यह मवेशियों से मवेशियों में फैलने वाला वायरस है। इससे मनुष्यों को खतरा नहीं है। हालांकि, जिन मवेशियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है, उनकी जान बच जाती है।
ये हैं लक्षण
पशु विज्ञानियों के अनुसार, संक्रमित मवेशियों में तेज बुखार, शरीर में गांठे (खासकर सिर, गर्दन, अंडकोष और योनीमुख) हो जाती हैं। मक्खियों से संक्रमण फैलने का खतरा अधिक होता है। पशुओं में दूध की कमी हो जाती है, भूख नहीं लगती, आंख व नाक से पानी बहने लगता है और सांस लेने में कठिनाई होती है। करीब दस से 15 दिन बाद पशु की मौत हो जाती है।
मवेशियों के बीच शारीरिक दूरी बनाने के निर्देश
पशु विज्ञानियों ने इस वायरस की पहली बार पहचान अगस्त 2019 में ओडिशा में की थी। डॉ. सोलंकी के मुताबिक यह बीमारी विषाणु जनक वायरस से फैल रही है। यह कैप्री पोक्स की फैमिली का वायरस है। जो संक्रमित मवेशी से दूसरे मवेशी में फैलता है, इसलिए पशुपालकों को हिदायत दी है कि वे मवेशियों में शारीरिक दूरी बनाएं और उन्हें समूह में चराने न ले जाएं।
मप्र में जानवरों में तेजी से फैल रहा कोरोना जैसा वायरस जिसे लम्पी स्किन डिजीज कहा जा रहा