जयपुर,जैसे ही सचिन पायलट का पार्टी में वापस लौटने का निर्णय कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के प्रयासों से सफल हुआ वैसे ही आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पायलट खेमे के बारे अपने सुरो में बहुत ज्यादा नर्मी बरती और सारे फैसले का श्रेय राष्ट्रीय आलाकमान को देते हुए कहा कि जब तक मै जिंदा रहूंगा तब तक अभिभावक के रूप में उन सभी विधायकों की बात सुनता रहूंगा एक लंबे समय तक करीब सौ से ऊपर विधायकों ने मेरा साथ दिया। पत्रकारों के द्वारा पायलट की नाराजगी के पूछे जाने पर इतना ही कहा कि राजनीति में कोई व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है ना ही में कोई इश्यू बनाता हूं पर इतना जरूर है कि इन समूचे घटनाक्रम में बीजेपी का सरकार गिराने का इरादा फेल हो गया और उन्हें मुंह की खानी पडी। इस दौरान गहलोत ने मीडिया को भी उनके द्वारा सभी 200 विधायकों को लिखे गए पत्र आत्मा की आवाज पर वोट करने की बात पर कहा कि मीडिया ने उचित जगह नहीं दी। उन्होने कहा कि हमारी प्राथमिकता देश के लोकतंत्र को बचाने की है इसलिए प्रदेश और देश की जनता अब कांग्रेस का साथ देने लगी है बीजेपी की लोकतंत्र को नष्ट करने की चाल को प्रदेश की जनता ने समझा इसके लिए हम और हमारी कांग्रेस जनता की आभारी है उन्होने भाजपा की केन्द्र सरकार के छह साल की देश चलाने की राजनीति को टोटली गलत बताते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की मर्यादाओं को खत्म करने पर तुले हुए है मगर हमारे साथियों ने भारतीय जनता पार्टी के अहंकार को चकनाचूर कर दिया और आने वाले समय में और भी भाजपा की दुरगति होने वाली है क्योंकि ये लोग धर्म के नाम पर राजनीति करके देश को डिवाइड करो और राज करो की नीति पर चल रहे है अपनी सरकार के बारे में कहा कि पूरे पांच साल कांग्रेस सत्ता में रहेगी और 2023 में होने वाले चुनाव में भी कांग्रेस ही सत्ता में आयेगी।
बीजेपी का सरकार गिराने का इरादा फेल हुआ, उसके मंसूबो की छिछालेदर हुई -गेहलोत