भोपाल,भोपाल सहित अन्य नगरीय निकायों में मुख्य रूप से सड़कों को बनाने के साथ पार्क आदि विकसित करने के लिए 400 करोड़ रुपए का लोन लिया जाएगा। सीएम इंफ्रास्ट्रक्चर योजना के लिए यह लोन लिया जाएगा। यह योजना कुल 536 करोड़ रुपए की है। इसमें कर्ज के अतिरिक्त बाकी राशि राज्य सरकार ग्रांट के रूप में देगी।
योजना का काम अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के जिम्मे हैं। लोन के लिए उसने बैंकों से बिड बुलाई है। उनके ऑफर के आधार पर ही लोन लेने के बारे में अंतिम फैसला होगा। ऋण की राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार और 25 फीसदी हिस्सा संबंधित नगरीय निकाय चुकाएगा। लोन चुकाने के लिए 15 साल का समय मिलेगा। योजना में यह शर्त भी रखी गई है कि जिन नगरीय निकायों को राशि दी जाएगी, उन्हें चरणों में समयबद्ध नगरीय सुधार कार्यक्रम लागू करना होगा। योजना का वित्तीय ढांचा इस प्रकार का होगा कि राज्य सरकार योजना की लागत का 30 प्रतिशत अनुदान देगी और 70 प्रतिशत राशि निकायों को कर्ज के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
दो चरण हो चुके हैं पूरे
शहरों के लिए सीएम इंफ्रा योजना की शुरुआत वर्ष 2012 में हुई थी। इसके दो चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में 1400 करोड़ रुपए से ज्यादा की योजना था, जबकि दूसरे चरण में 1800 करोड़ रुपए की।
मप्र में सड़कों के लिए 400 करोड़ का लोन लेगी सरकार जिसे 15 साल में चुकाना होगा