जयपुर, राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच सचिन पायलट गुट की ओर से दायर संशोधित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई सोमवार सुबह 10 बजे तक के लिए टल गई है। हाईकोर्ट की डिविजन बेंच में सुनवाई के दौरान पायलट खेमे की ओर से हरीश साल्वे ने अपनी दलीलें रखी। उन्होंने कहा कि पायलट गुट ने दल-बदल कानून का उल्लंघन नहीं किया है, ऐसे में स्पीकर को नोटिस देने का अधिकार नहीं है। साल्वे के बाद मुकुल रोहतगी ने अपनी दलीलें रखी। पायलट गुट के बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने अपनी दलील में कहा कि सचिन पायलट गुट की याचिका प्री-मैच्योर है, इसलिए इसको खारिज किया जाना चाहिए। इसके बाद हाईकोर्ट ने सोमवार सुबह 10 बजे तक सुनवाई टाल दी है।
पायलट खेमे की संशोधित याचिका में संविधान की 10वीं अनुसूची के आधार पर दिए गए नोटिस को चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत मोहन्ती और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ में हो रही है। पायलट खेमे के वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट में अपनी दलील में सचिन पायलट गुट का पक्ष रखते हुए कहा है कि इस मामले में दसवीं अनुसूची का उल्लंघन नहीं हुआ है। उन्होंने स्पीकर को कोर्ट में बुलाने की मांग करते हुए कहा कि पायलट गुट ने दल बदल कानून का उल्लंघन नहीं किया है। हरीश साल्वे ने कहा कि पार्टी को जगाना बगावत नहीं है। विधानसभा के बाहर दल-बदल कानून का प्रावधान लागू नहीं होता है। ऐसे में स्पीकर को नोटिस देने का अधिकार नहीं है। साल्वे ने कहा है कि अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत बोलने की आजादी के अधिकार के खिलाफ उन्हें नोटिस थमाया गया है। सचिन पायलट और अन्य विधायक दिल्ली में अपना पक्ष रखने के लिए गए थे, जबकि सरकार ने स्पीकर के जरिए अनुच्छेद 10 के तहत नोटिस थमा दिया। साल्वे के बाद मुकुल रोहतगी ने अपनी दलीलें रखीं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले गुरुवार को हाईकोर्ट पहुंचे पायलट खेमे की याचिका पर दिन में करीब तीन बजे जज सतीश चन्द्र शर्मा ने सुनवाई की। लेकिन, पायलट खेमे की ओर से शामिल वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने नए सिरे से याचिका दाखिल करने के लिए समय मांगा। शाम करीब पांच बजे असंतुष्ट खेमे ने संशोधित याचिका दाखिल की और कोर्ट ने इसे दो जजों की पीठ की नियुक्ति के लिए मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत मोहंती को भेज दिया।
हाईकोर्ट से पायलट खेमे को राहत, सोमवार सुबह 10 बजे फिर होगी सुनवाई