कानपुर, महानगर के चैबेपुर थाने के बिकरू गांव में हुई पुलिस मुठभेड़ के आरोपी 50 हजार के इनामी और गैंगस्टर विकास दुबे के सहयोगी शशिकांत को कानपुर पुलिस ने मंगलवार को गिरफतार किया है। इसकी निशानदेही पर पुलिस मुठभेड. में लूटी गयी पुलिस की एके 47 रायफल व 17 कारतूस और इंसास रायफल व 20 कारतूस बरामद हुये है। इस तरह पुलिस मुठभेड़ में लूटे गये सभी हथियार बरामद कर लिये गये है।
एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने मंगलवार को कानपुर में प्रेस कांफ्रेस में बताया कि मंगलवार को एओजी टीम, शिवराजपुर और रेल बाजार पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा वांछित अभियुक्त 50 हजार रुपये का इनामिया अभियुक्त शशिकान्त उर्फ सोनू पाण्डेय पुत्र प्रेम कुमार पाण्डेय उर्फ रामाराम निवासी ग्राम बिकरू थाना चैबेपुर को रात्रि 02.50 बजे मेला तिराहा कस्वा चैबेपुर से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि पूछताछ से उसने घटना में अपनी संलिप्तता के साथ विकास दुबे, अमर दुबे, अतुल दुबे, प्रेम कुमार, प्रभात मिश्रा, बउअन, हीरु, शिवम, जिलेदार, रामसिंह, रमेशचन्द्र, गोपाल सैनी, अखिलेश मिश्रा, विपुल, श्यामू बाजपेयी, राजेन्द्र मिश्रा, बालगोविन्द दुबे, दयाशंकर अग्निहोत्री आदि लोगों का घटना में सम्मिलित होना बताया। शशिकांत ने बताया कि लूटा गया असलहा अपने तथा विकास दुबे के मकान में विकास दुबे के कहने पर छिपा दिया है। एडीजी ने बताया कि इसकी निशान देही पर विकास दुबे के घर से एके-47 व 17 कारतूस तथा शशिकान्त से घर से इंसास रायफल व 20 अदद कारतूस बरामद किया गया।
उन्होंने बताया कि इन दो हथियारों की बरामदगी के साथ ही दो तीन जुलाई की रात पुलिस मुठभेड़ में लूटे गये सभी पुलिस के हथियार बरामद कर लिये गये है। यह हथियार मुठभेड़ के दौरान पुलिस से लूटे गये थे। एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि दो तीन जुलाई की मध्य रात्रि मे बिकरू गाँव मे दबिश के दौरान पुलिस पार्टी पर अभियुक्त विकास दुबे व उसके साथियो द्वारा हमला कर असलहों से फायर कर आठ पुलिस कर्मियो की हत्या कर सरकार असलहा लूट लिया गया था। इस सम्बन्ध मे थाना चैबेपुर पर मुकदमा पंजीकृत किया गया था तथा अभियुक्तों की गिरफ्तारी व लूटे हुए असलहो की बरामदगी हेतु एसएसपी कानपुर नगर द्वारा एसपी पश्चिमी व एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गई थी। उन्होंने बताया कि बिकरू पुलिस मुठभेड़ में नामित 21 नामजद अभियुक्तों में से चार अभियुक्त गिरफतार किये गये है। छह अभियुक्त अलग अलग पुलिस मुठभेड़ मे मारे गये है। अभी 11 नामजद अभियुक्त की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक फरार अभियुक्तों में दो गोपाल सैनी और हीरू दुबे पर एक एक लाख का इनाम घोषित है जबकि बाकी नौ अभियुक्तो पर 50-50 हजार का इनाम घोषित है जिसमें छोटू शुक्ला, शिव तिवारी, राम सिंह, रामू बाजपेयी, शिवम दुबे, बाल गोविंद, भुवन शुक्ला, विष्णु पाल यादव और मोनू शामिल है। इन अभियुक्तों की तलाश में एसटीएफ और उप्र पुलिस की कई टीमें लगी हुई है। गैंगस्टर विकास दुबे 10 जुलाई को उज्जैन से कानपुर आते समय गाड़ी पलट जाने के बाद भागने के प्रयास में पुलिस और एसटीएफ की मुठभेड़ में मारा गया था।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार देर रात कानपुर के चैबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू निवासी दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को उसके गांव पकडने पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया था जिसमें एक क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष समेत आठ पुलिस कर्मी मारे गये थे। मुठभेड़ में पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक घायल हो गये थे। विकास दुबे की मुठभेड़ में मौत से पहले तीन जुलाई की सुबह पुलिस के साथ मुठभेड़ में कानपुर के पास दुबे के कथित सहयोगी प्रेम प्रकाश पांडेय और अतुल दुबे मारे गये थे। जबकि आठ जुलाई को पुलिस ने हमीरपुर के मौदहा में 50 हजार के इनामी बदमाश अमर दुबे को मार गिराया था। नौ जुलाई को विकास दुबे के दो और कथित सहयोगी कार्तिकेय और प्रभात और प्रवीण उर्फ बउवा दुबे कानपुर और इटावा में अलग अलग मुठभेड़ो मे पुलिस ने मार गिराया था।
गैंगस्टर विकास दुबे का सहयोगी और इनामी शशिकांत गिरफतार, पुलिस से लूटी गई एके 47 और इंसास रायफल भी बरामद