मुंबई, बॉलिवुड में नेपोटिज्म के आरोपों को लेकर टैलेंटेड ऐक्ट्रेस मानी जाने वाली तापसी पन्नू का भी रिस्पॉन्स आ गया है। एक हालिया इंटरव्यू में तापसी ने सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या और बॉलिवुड में नेपोटिजम पर बात करते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में एक आउटसाइडर होने के नाते बिना गॉडफादर या कॉन्टैक्ट्स के सर्वाइव करना काफी मुश्किल होता है। इस बारे में तापसी ने आगे कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में संपर्क बनाने में काफी टाइम लगता है और तब तक आपको काम नहीं मिल पाता है। तापसी ने कहा कि जो परेशानी एक आउटसाइडर को उठानी होती है वह इंडस्ट्री के भीतर के आदमी को नहीं उठानी पड़ती। उन्होंने कहा कि फिल्मी परिवार में पैदा होने वाले लोगों को आसानी से काम मिल जाता है।
जब तापसी से बॉलिवुड में नेपोटिज्म और कथित तौर पर इसको बढ़ावा देने वालों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने भी इसे स्वीकार किया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नेपोटिज्म के कारण बहुत सी फिल्में उनके हाथ से निकल गईं और किसी स्टार किड के हाथ में चली गईं। तापसी ने बॉलिवुड में बढ़ते नेपोटिज्म के लिए पब्लिक को भी जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि नेपोटिज्म को बढ़ावा देने के लिए लोग भी जिम्मेदार हैं क्योंकि यह महत्वपूर्ण है कि वह टिकट बुक कराकर किसी आउटसाइडर की फिल्म देखेंगे या किसी स्टारकिड की लॉन्च मूवी? तापसी का कहना है कि अगर पब्लिक खुद चाहे तो बॉलिवुड में परिस्थितियां बदल सकती हैं। इसलिए फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर आरोप लगाने से बेहतर पब्लिक को खुद इस बारे में सोचना चाहिए।
सुशांत सिंह की आत्महत्या के बाद से ही लगातार फिल्म इंडस्ट्री में होने वाली खेमेबाजी और भाई-भतीजावाद (नेपोटिज्म) पर खुलकर बहस दोबारा शुरू हो गई है। कई बॉलिवुड के कलाकारों जैसे कंगना रनौत और शेखर सुमन और शेखर कपूर जैसे बड़े डायरेक्टर ने इस बारे में खुलकर बयान भी दिए हैं। सुशांत के फैन्स में एक बड़े वर्ग का भी मानना है कि बॉलिवुड के कुछ खास लोगों का समूह उनकी मौत का जिम्मेदार है।
अब तापसी पन्नू बोलीं नेपोटिज्म के कारण नहीं मिलीं कई फिल्में