आगरा, आगरा में फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर नौकरी कर रहे 24 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। अब शिक्षा विभाग ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाकर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। फिलहाल इस मामले में पुलिस आरोपी शिक्षकों की गिरफ्तारी के प्रयास भी कर रही है। बता दें कि साल 2015 में एसआईटी ने आगरा के डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्विविद्यालय में बीएड सत्र 2004-2005 की अंकतालिकाओं में फर्जी तरीके से नंबर बढ़ाने की जांच शुरू की थी। साल 2017 में सुनील कुमार नामक याचिकाकर्ता की याचिका पर उच्च न्यायालय ने विश्विवद्यालय को जांच के आदेश जारी किए थे।अदालत ने माना था कि फर्जी अंकतालिकाओं के जरिए तमाम छात्र शिक्षा विभाग में समायोजित हो गए हैं। शासन की ओर से आगरा बीएसए को ऐसे शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया गया था। इसके बाद लगातार एसआईटी और यूनिवर्सिटी की जांच के बाद 28 दिसंबर 2019 को 3637 फर्जी अभ्यर्थी,1084 टेम्पर्ड अभ्यर्थी और 45 डुप्लीकेट अभ्यर्थियों की सूची विवि की वेबसाइट पर डाली गई और 15 दिन में ऑनलाइन या रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिये उनका पक्ष मांगा गया। इनमें से 814 ने उत्तर दिया और 2823 फर्जी अभ्यर्थियों ने जवाब नहीं दिया।इसके बाद विवि ने इन सभी को फर्जी घोषित कर दिया। इनमें से आगरा बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी नौकरी करने वाले 24 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी है। साथ ही इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 420,468 और 471 के तहत आगरा के शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
आगरा में फर्जी बीएड डिग्री पर नौकरी करने वाले शिक्षक हुए बर्खास्त