जबलपुर,जबलपुर विकास प्राधिकरण के पास ऐसी संपत्ति का अंबार है जो या तो बरसों से खाली पड़ी हैं या नहीं बिकी हैं। जेडीए ने अब इसका रास्ता निकाल लिया है। ऐसी संपत्तियों के बेचने या किराये पर देने के लिये नये सिरे से प्रयास किया जाएगा। जेडीए मुख्य कार्यपालन अधिकारी के अनुसार इसमें आने वाली रुकावटें गत दिवस संभागायुक्त व जेडीए के पदेन अध्यक्ष की समीक्षा बैठक के बाद समाप्त हो गई हैं।
गौरतलब है कि जेडीए की कई योजनाएं वर्षों से अधूरी हैं या पूरी भी हो चुकी हैं तो इनमें काफी संपत्तियां नहीं बिकी हैं। इससे जेडीए को आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। इन सभी संपत्तियों को सूचीबद्ध करने का काम चालू कर दिया गया है अब इन्हें विक्रय करने आन लाइन आफर निकाले जाने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार न्यायालयीन प्रक्रिया में फंसे मामलों पर भी निर्णय करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हे समझौते के आधार पर अनावश्यक लिटिगेशन में कमी लाने के प्रयास हो रहे हैं। दरअसल संभागायुक्त महेश चंद्र चौधरी ने गत दिवस ऐसे मामलों की समीक्षा बैठक में कई निर्णय लिए हैं जिसके बाद जेडीए के रास्ते खुल गए हैं। बताया जा रहा है कि जेडीए के विधि अधिकारी ने न्यायालयीन व्यवस्था में अटके 500 प्रकरणों को भी समीक्षा बैठक में प्रस्तुत किया है इन सभी प्रकरणों में सूक्ष्मता से अध्ययन करने और संभव हो तो समझौते के आधार पर निपटाने के आदेश भी संभागायुक्त ने दिए हैं। रिक्त व विवाद रहित संपत्तियों को विक्रय करने की प्रक्रिया भी जल्द प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।
जबलपुर में जेडीए के पास खाली और नहीं बिकी संपत्तियों की भरमार, नए सिरे से होगा बेचने का प्रयास