यूपी के बुलंदशहर में एमए, बीबीए पास युवा मनरेगा में बना रहे रोड

बुलंदशहर,देशभर में लॉकडाउन के चलते बड़े शहरों से पलायन करके पैतृक गांव पहुंचने वालों में सिर्फ मजदूर ही नहीं बल्कि अच्छे खासे पढ़े-लिखे युवक भी हैं। अब इन युवकों के पास मनरेगा योजना ही अपना और अपनों का पेट भरने का एकमात्र सहारा बचा है। मनरेगा में काम कर रहे लोगों में एमए और बीबीए कर चुके युवा भी शामिल हैं, जो लॉकडाउन से पहले बड़ी कंपनी में काम करते थे। यूथ ने कहा कि कोरोना के चलते किए गए लॉकडाउन ने उनकी जिंदगी के कई सपनों को कुचल दिया। अब तो दो वक्त की रोटी के लिए भी भटकना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान वीरेंद्र कुमार ने बताया कि ऐसे कई युवक हैं जो लॉकडाउन में गांव आए हुए हैं। पहले नोएडा में सर्विस करते थे, अब इन्होंने मनरेगा में काम के लिए अप्लाई किया। ऐसे युवाओं को काम दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत सचिव लोकेश कुमार ने बताया कि गांव के काफी युवा बेरोजगार हो गए हैं। कुछ अशिक्षित हैं तो काफी पढ़े-लिखे हैं। मनरेगा में अप्लाई करने के बाद उन्हें काम दिया जा रहा है। बता दें कि कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन ने बेरोजगारों की बड़ी फौज खड़ी कर दी है। लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सिकंदराबाद तहसील के जुनैदपुर ग्राम पंचायत में चल रही मनरेगा की साइट पर कई ऐसे बेरोजगार मिले जो ग्रैजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट हैं।

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