रेत के अवैध उत्खनन में लिप्तता के चलते भिंड के आधा दर्जन थाना प्रभारियों को पीएचक्यू बुलाया

भोपाल, प्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन को लेकर भिंड जिला इन दिनों फिर चर्चा में है। चंबल डीआईजी राजेश हिंगणकर द्वारा छापामार कार्रवाई के दौरान आधा दर्जन से ज्यादा थाना प्रभारियों को निलंबित भी किया जा चुका है। इन थानेदारों को पुलिस मुख्यालय ने पीएचक्यू बुला लिया है। उनकी जगह शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, सागर और विदिशा से थाना प्रभारी भेजे गए हैं।
पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी कर भिंड में पदस्थ निरीक्षक महेश कुमार शर्मा, संजीव नयन शर्मा, अमर सिंह सिकरवार, विजय सिंह तोमर, जितेन्द्र सिंह तोमर, यतेन्द्र सिंह भदौरिया को पीएचक्यू पदस्थ कर दिया है। इनमें से विजय सिंह तोमर और यतेन्द्र सिंह भदौरिया निलंबित हैं। उल्लेखनीय है कि भिंड पुलिस पर इन दिनों रेत उत्खनन में शामिल होने के आरोप लगे हैं। भिंड एसपी नागेन्द्र सिंह की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एसपी का भी हटना तय!
सूत्रों के अनुसार भिंड में थाना प्रभारियों के तबादले को आगामी विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रशासनिक जमावट से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि भिंड में गोहद और मेहगांव में उपचुनाव होना है। खबर हैं कि भिंड एसपी नागेन्द्र सिंह भी जल्द हटेंगे।
निलंबित टीआई के बचाव में उतरे पूर्व विधायक
डीआईजी द्वारा रेत के अवैध भंडारण के चलते निलंबित किए गए लहार थाना प्रभारी विजय सिंह तोमर के बचाव में पीएचक्यू को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि डीआईजी ने पुराने रेत के भंडारण की वजह से टीआई को निलंबित किया है। उन्हें फिर से लहार में ही पदस्थ किया जाए। लहार थाना क्षेत्र में किसी तरह का रेत का अवैध भंडारण नहीं किया गया है। डीआईजी ने जो रेत का भंडारण देखा वह लॉकडाउन से पहले का है।

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