बुरहानपुर, कोरोना वायरस की महामारी और उससे फैली बेरोजगारी ने लॉक डॉउन में गरीब परिवार जो मजदूरी करने बुरहानपुर से सूरत गए थे। पैदल सैकडो किमि की पैदल यात्रा कर शनिवार को बुरहानपुर पहुंचने पर उन्हें लोनी बेरीयर पर रोक सभी को स्वास्थ परिक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। जहां उनकी जांच कि गई नेपानगर तहसील के ग्राम राजोरी के परिवार दिवाली के बाद से मजदूरी की तलाश में एक ठेकेदार के साथ गुजरात प्रदेश के सूरत शहर में गए हुए थे जो खेतों में गन्ना कटाई के साथ खेतों में अन्य मजदूरी के कार्य पर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। इसी बीच 25 मार्च से कोरोना वायरस के चलते देश में लॉक डॉउन घोषित कर दिया गया और यह सभी मजदूर प्रदेश से बाहर अटक गए। कुछ दिन ठेकेदार ने उनके खानपान की व्यवस्था की बाद में मना करने पर मजबूरी में यह परिवार पैदल अपने गांव के लिए कूच कर गए और 60 लोगों पर आधारित 6 परिवार के यह लोग गोर में छोटे बच्चे सर पर बोझ लिए निकल पडे। शनिवार को म.प्र. की सीमा में दाखिल होते ही उन्हें अस्पताल में जांच कराई गई तथा भेाजन की व्यवस्था के साथ उन्हें उनके ग्राम तक पहुंचाने की व्यवस्था गुजरात के के सूरत शहर से आने वाले यह ग्रामीण जिस में महिला पुरूष और छोटे बच्चे शामिल है सभी की जांच में यह स्वस्थ पाऐ गए।
मजदूरी करने सूरत गए 60 से अधिक लोग पैदल चलकर ही बुरहानपुर पहुंचे