जबलपुर, कोरोना वायरस संक्रमण को हराने के बाद शनिवार को जंग जीतकर पलक अपने घर लौट गई उसने मेडिकल कॉलेज के स्टाफ नर्स डॉक्टर का और इस संकट के दौर में मदद करने वाले अपने रिश्तेदारों का दिल से शुक्रिया अदा किया यहां बता दें कि दुबई से लौटने के बाद 20 मार्च को पलक उसके पिता मुकेश और मां गुंजन कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे यह मध्य प्रदेश के पहले पेशेंट थे
4 दिन पहले माता-पिता और आज पलक ने भी कोरोना वायरस को हराया है….पलक अग्रवाल के पिता जेवलर्स संचालक मुकेश अग्रवाल और उनकी माँ को भी कोरोना पॉजिटीव रिपॉर्ट आने के बाद मेडिकल कालेज में भर्ती किया था जहाँ कुछ दिन पहले ठीक होने के पश्चात उनकी छुट्टी कर दी गई थी।इसी कड़ी में आज पलक अग्रवाल को भी ठीक होने के बाद घर भेज दिया गया.
पलक के चेहरे में खुशी देखी गईं
करीब 17 दिनो से ज्यादा समय तक मेडिकल कालेज के आईसोलेशन वार्ड में रहने वाली पलक अग्रवाल की जब रिपोर्ट आज निगेटिव आई तो वह बहुत खुश थी।वार्ड से बाहर निकलने के बाद पलक ने कहा कि सरकारी अस्पताल मेडिकल कॉलेज में इतने दिनों तक जिस तरह से ईलाज हुआ है वो अविस्मरणीय है क्योंकि आम तौर पर सरकारी अस्पताल में ईलाज को लेकर हमेशा ही सवाल उठते है पर कोरोना वायरस से निपटने के लिए मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर-आक्सीजन और हर उपकरण पर्याप्त मात्रा में थे यही वजह है कि लोग जल्द से जल्द ठीक भी हो रहे है।
अभी जबलपुर में पाँच केस और है कोरोना पीजिटिव
जबलपुर जिले में अभी तक 250 से ज्यादा लोगो के कोरोना टेस्ट किए गए है जिसमे की जेवलर्स संचालक मुकेश अग्रवाल के परिजनों सहित 10 लोग पॉजिटीव निकले है जिसमे की आज इंदौर से आये एनएसए का आरोपी का केस भी शामिल है।बाकी के सभी कोरोना वायरस पॉजिटीव को अभी मेडिकल कॉलेज के आईसोलेशन वार्ड में रखकर उनका ईलाज किया जा रहा है।
जबलपुर में अब तक मेडिकल से पांच कोरोना मरीज डिस्चार्ज, मम्मी-पापा के बाद पलक भी स्वस्थ होकर घर लौटी