आगर मालवा,राजस्थान सरकार ने प्राइवेट बसों के माध्यम से 300 मजदूरों को मध्य प्रदेश जाने के लिए बसों में बैठा दिया था। निजी बस मालिकों ने रास्ते में 1 हजार रुपया प्रत्येक मजदूर से किराया लिया। पोखरण से राजस्थान सीमा के जंगल में लाकर बस वाले मजदूरों को छोड़कर भाग गए। 300 मजदूरों से 1-1 हजार रुपये के मान से 3 लाख रुपया किराया मजदूरों से बस मालिक ने वसूल किया। राजस्थान सरकार ने वाहवाही लूट ली। वहीं किराया देने के बाद भी मजदूरों को अब पैदल ही घर जाना पड़ रहा है। रास्ते में थोड़ी दूर के लिए उन्हें ट्रैक्टर अथवा अन्य कोई वाहन मिल जाता है। जो उन्हें कुछ किलोमीटर छोड़ देता है।
सुसनेर के शासकीय महाविद्यालय में जब राजस्थान से आये मजदूर पहुंचे। उन्होंने अपनी व्यथा सुनाई।यह सभी मजदूर इंदौर, उज्जैन, राजगढ़ और रायसेन जिले के हैं।जो कोरोनावायरस के संक्रमण से परेशान होकर अब अपने घरों की ओर चल पड़े हैं। मध्यप्रदेश में उन्हें घर पहुंचाने के लिए कोई व्यवस्था म.प्र सरकार द्वारा नहीं की गई है। जिसके कारण यह मजदूर पैदल चलने विवश हैं।
मजदूरों से 3 लाख रुपए किराया लेने के बाद भी मप्र के सीमावर्ती जंगल में छोड़ा