उज्जैन, महाकालेश्वर मन्दिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन करने आते हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आम श्रद्धालुओं के हित एवं कोरोना वायरस के संक्रमण से जान-माल को सुरक्षित रखने के लिये अल सुबह होने वाली भस्मारती अनुमति पर प्रतिबंध लगा दिया गया है प्रतिदिन भस्मारती में 2000 लोगों को अनुमति दी जाती थी लेकिन कोरोनावायरस के डर से 31 मार्च तक यह प्रतिबंध लगाया गया है ना तो ऑनलाइन अनुमति मिलेगी और ना ही मंदिर के भस्मारती काउंटर पर सामान्य दर्शनार्थियों को दी जाने वाली अनुमति जारी की जाएगी इसके अलावा गर्भ ग्रह में सामान्य और वीआईपी दर्शन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है केवल रैंप से कतार बद्ध दर्शन करते हुए यात्री मंदिर के बाहर निकासी करेंगे किसी भी प्रकार के प्रोटोकाल और वीआईपी दर्शन भी मंदिर में प्रतिबंधित कर दिए हैं अन्यथा सुबह 8:00 से 10:00 तक तथा दोपहर में 2:00 से 4:00 तक कर्बला में ससुर को पूजन एवं प्रोटोकॉल से वीआईपी दर्शन की सुविधा मंदिर प्रशासन ने उपलब्ध कराई थी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है साथ ही महाकाल अन्न क्षेत्र भी आगामी आदेश तक प्रतिबंधित किया गया है वही महाकाल मंदिर धर्मशाला में यात्रियों के रुकने के कमरे और डॉरमेट्री हाल हरसिद्धि धर्मशाला में यात्रियों के रुकने की व्यवस्था भी फिलहाल प्रतिबंधित कर दी गई है कोरोना वायरस को लेकर शासन द्वारा जारी एडवायजरी के अनुसरण में महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति के प्रशासक एसएस रावत ने सोमवार को महाकाल मन्दिर के कंट्रोल रूम में मन्दिर के समस्त पुजारी, पुरोहितों से चर्चा कर निर्णय लिया गया कि आगामी आदेश तक गर्भगृह एवं महाकाल भगवान की प्रतिदिन प्रात: होने वाली भस्म आरती में श्रद्धालुओं का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित किया है।
महाकाल मंदिर में भस्म आरती दर्शन रोके, 31 मार्च तक गर्भ ग्रह में पूजन भी प्रतिबंधित