नई दिल्ली, दंगों की मार झेल रही नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के लोगों की परेशानी अब आगे और बढ़ती नजर आ रही है। हिंसा से किसी तरह जान बचा रहे लोगों के पास अब खाने के सामान की कमी होती जा रही है। इसकी वजह से जरूरी चीजों के रेट आसमान छूने लगे हैं। दूध की बात करें तो यह 200 रुपये लीटर तक पहुंच गया है। लोगों के घर में रखी सब्जी, आटा, दाल खत्म होने लगे हैं और आसपास कहीं कुछ मिल भी नहीं रहा। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में पिछले 72 घंटों से स्थिति खराब है। दुकानें जला दी गई हैं या लूट ली गई हैं। रेहड़ी-पटरीवालों का सामान भी लूट लिया गया है, कुछ डर की वजह से घर से नहीं निकल रहे। ऐसे में लोगों के लिए आटा, दूध, सब्जी ला पाना नामुमकिन सा हो चला है। चांदबाग में रहने वाले बताते हैं कि दूध कुछ ही जगहों पर मिल रहा है, वह भी 200 रुपए प्रति लीटर। वह बोले, लोग घरों में कैद हैं और जरूरी चीजों के लिए परेशान हो रहे हैं। दूध और सब्जी ढूंढ पाना तो सबसे मुश्किल है। सामान देखने लोग यमुना विहार तक गए, लेकिन वहां भी कुछ नहीं है। लोग शाहदरा जाने से बच रहे हैं, क्योंकि ऐसा करना खतरे से खाली नहीं है।
30 की हालत अब भी गंभीर
उत्तर पूर्वी दिल्ली में छिटपुट वारदातों को छोड़कर बुधवार को ज्यादातर इलाकों में शांति रही। हालांकि 14 और लोगों की मौत के बाद मरने वालों का आंकड़ा 27 हो गया है। वहीं, 250 से अधिक लोग घायल हैं, इनमें 30 की हालत नाजुक है। मृतकों में आईबी के जवान अंकित शर्मा भी हैं। इस बीच, हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए बेहद सख्त टिप्पणियां की। दूसरी ओर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने खुद मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने हिंसाग्रस्त इलाकों का दौरा कर गृहमंत्री अमित शाह को स्थिति से अवगत कराया। हिंसाग्रस्त इलाकों में अघोषित कफ्र्यू रहा। ब्रह्मपुरी रोड से घोंडा चौक, नूर-ए-इलाही चौक, यमुना विहार के चप्पे-चप्पे पर आईटीबीपी और सीआरपीएफ तैनात रही। करावल नगर रोड, बृजपुरी रोड, शिव विहार, मुस्तफाबाद, मौजपुर, जाफराबाद, सीलमपुर, ज्योति नगर, मौजपुर, गोकलपुरी, चांदबाग, वेलकम आदि इलाकों में भी पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात रहा। करावलनगर में बुधवार सुबह उपद्रवियों ने एक दुकान और कार में आग लगा दी।
ड्रोन से छतों पर रखी जा रही नजर
दिल्ली के हालात पर गृह मंत्रालय लगातार नजर रखे है। मंगलवार को स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) का चार्ज संभालने वाले विशेष आयुक्त एसएन श्रीवास्तव सहित कई संयुक्त आयुक्त बुधवार को पैदल मार्च करते दिखे। शांति बहाली के लिए अर्धसैनिक बलों की 45 कंपनियों को लगाया गया है। पुलिस के प्रवक्ता एमएस रंधावा ने बताया, ड्रोन से हिंसाग्रस्त इलाकों की निगरानी की जा रही है।
दिल्ली में हिंसा के बाद दूध 200 रुपए लीटर पहुंचा, लोग रोज के सामान के लिए तरसे