हिंदू से ईसाई बनी महिला का दाह संस्‍कार के बाद खत्म हुआ मामला

बेगुसराय, बिहार के बेगूसराय में हिंदू से ईसाई बने एक परिवार की महिला की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार को लेकर उस समय विवाद खड़ा हो गया जब उसके परिजन उसको दफनाने जा रहे थे। इसकी खबर केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से भाजपा सांसद गिरिराज सिंह को मिली तो उन्होंने हिंदू से ईसाई बने परिवार की महिला का अंतिम संस्‍कार हिंदू रीति-रिवाज से कराकर विवाद का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान कराया। इस दौरान गिर‍िराज सिंह ने हाथ जोड़कर महिला के परिवार से अपील की कि वे हिंदू रही महिला का दाह संस्‍कार करें। केंद्रीय मंत्री की अपील को परिवार ने मान लिया और महिला का सिमरिया घाट पर दाह संस्‍कार किया गया। इस मौके पर मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कोई लोभ देकर धर्म का परिवर्तन न करे। उन्‍होंने कहा, ‘कोई लोभ देकर किसी का धर्म परिवर्तन न करे। मैं हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि धर्म से बड़ी कोई चीज नहीं होती है। किसी धर्म में चचेरे भाई-बहन में शादी होती है। हमारे धर्म में नहीं होती है… यही मेरा धर्म है। आदमी हम भी और वे भी हैं। हम अपने धर्म की रक्षा करें। मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि धर्म से बड़ा कुछ नहीं है।’
दरअसल, एक हिंदू महिला के शव को उसके परिवार वाले ईसाई धर्म के रीति रिवाज मुताबिक दफनाने ले जा रहे थे। इसकी खबर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को लग गई। बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और महिला को दफनाने का विरोध किया। बजरंग दल के कार्यकर्ता महिला के परिवार वालों को गिर‍िराज सिंह के पास ले गए। गिरिराज सिंह ने महिला के परिवार वालों से हाथ जोड़कर विनती की कि वे हिंदू धर्म के अनुसार शव को सिमरिया गंगा घाट पर दाह संस्कार करें। बताया जा रहा है कि गिरिराज सिंह ने पीड़ित परिवार वालों को दाह संस्कार के लिए आर्थिक मदद भी की। गिर‍िराज सिंह के समझाने पर महिला के परिवार वाले मान गए और शव का दाह संस्‍कार किया गया। गिरिराज सिंह ने कहा कि कुछ ऐसे लोग हैं जो हिंदुओं को बरगला कर उनका धर्म परिवर्तन करवाते हैं। उन्‍होंने कहा कि कोई लोभ देकर किसी का धर्म परिवर्तन न करे। बताया जा रहा है कि महिला हिंदू थी लेकिन उसके बेटे ने धर्म परिवर्तन करके ईसाई धर्म अपना लिया है। पूरी घटना के दौरान बड़ी संख्‍या में लोग वहां पर जुट गए।

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