धार, मध्यप्रदेश के धार जिले में मॉब लिंचिंग की दिल-दहला देने वाली वारदात सामने आई है। बुधवार को पैसे नहीं लोटाने पड़े इसलिए बच्चा चोर की अफवाह फैला दी। ऐसी सूचना फैलने से घटना स्थल पर मौजूद लोग आक्रोशित हो गए और आक्रोशित ग्रामीणों ने दो कारों को रोककर उनमें सवार सात लोगों के साथ जमकर मारपीट की। इसमें छह लोग घायल हो गए जिसमें एक की मौत हो गई।
पीड़ितों के दो वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इसमें से एक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने के बाद भी ग्रामीणों ने मारपीट नहीं रोकी। कार में सवार व्यक्तियों को भीड़ के चंगुल से बचाकर अस्पताल ले जाया गया। कार सवारों में चार को गंभीर चोट आने के कारण उन्हें इंदौर रेफर किया गया। इन घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसर मृतक और हमला करने वालों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। मृतक और गंभीर रूप से घायल व्यक्ति उज्जैन शहर के पास के रहने वाले हैं। इन्होंने अपने खेत में काम करने के लिए धार जिले के बोरलाई निवासी मजदूरों को पैसे दे रखे थे, लेकिन मजदूरों ने पैसा लेने के बावजूद काम नहीं किया था। इसी बात को लेकर 6 किसान बुधवार को बोरलाई पहुंचे और मजदूरों से काम पर चलने या फिर पैसा वापस करने को कहा। इसी को लेकर विवाद बढ़ गया।
इन मजदूरों के बुलाने पर ये सभी किसान दो कार से खिरकिया पहुंचे, जहां 15-20 ग्रामीणों ने रास्ता रोककर इन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी और ये जान बचाकर भागे।
खिरकिया के पत्थरबाजों ने आगे के गांवों में मोबाइल से झूठी सूचना फैला दी कि दो वाहनों में कुछ लोग दो बच्चों का अपहरण कर भागे हैं। इस पर ग्रामीणों ने तीन-चार स्थानों पर वाहनों को रोकने का प्रयास किया। ग्राम बोरलाई में 150 से 200 लोगों ने बाइक अड़ा कर कारों को रोक लिया।
कार सवार जान बचाकर एक दुकान में घुसे व दरवाजा अंदर से लगा लिया, लेकिन भीड़ ने दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला व लकड़ी, पत्थर से मारपीट की। एक कार में तोड़फोड़ तो दूसरी में आग लगा दी गई। एक घंटे बाद पुलिस ने पहुंचकर अश्रु गैस छोड़कर भीड़ को तीतर-बीतर किया। मारपीट में गंभीर घायल व्यक्ति को बड़वानी रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने के दौरान ही उसकी मौत हो गई।
इस घटना पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि धार के मनावर में आपसी विवाद में घटित हुई घटना बेहद दुःखद। ऐसी घटनाएँ मानवता को शर्मसार करने वाली होकर बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। पूरे मामले के लिए प्रशासन को जाँच के सख्त निर्देश दिये गये हैं।
मप्र के धार में दिल-दहला देने वाली वारदात, मॉब लिंचिंग में एक की गई जान