लंदन,शोधकर्ताओं की माने तो देर से मां बनने वाली महिलाओं की बेटियों के नि:संतान रहने की आशंका अधिक होती है। अध्ययन के मुताबिक 35 साल से कम उम्र में मातृत्व अपनाने वाली महिलाओं की बेटियों में यह समस्या न के बराबर होती है। यह अध्ययन मॉट्रियल स्थित मैकगिल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किया है। इस शोध में विशेषज्ञों ने ऐसी महिलाओं को आगाह किया है, जो 35 या उससे अधिक उम्र में मां बनने का विकल्प चुनती हैं। विशेषज्ञों ने बेटी के नि:संतान रहने और उसके जन्म के समय मां की उम्र के बीच गहरा संबंध देखा है। इस आधार पर उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला कि अधिक उम्र में मां बनने वाली महिलाओं की बेटियों के नि:संतान रहने की आशंका अधिक रहती है। मैकगिल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता जानवरों पर शोध के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं। इस अध्ययन के बाद उन्होंने कहा है कि इस दिशा में अभी और शोध की जरूरत है।विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी महिलाओं की बेटियों के नि:संतान रहने की आशंका 40 फीसदी तक अधिक रहती है। उनका कहना है कि देर से मां बनने वाली महिलाओं की बेटियों की प्रजनन क्षमता कमजोर होती है। विशेषज्ञों ने इसके लिए 44 साल या उससे अधिक उम्र की 43 हजार महिलाओं के आंकड़ों का अध्ययन किया।
देर से मां बनने वाली महिलाओं की बेटियों के नि:संतान रह जाने की अधिक होती है सम्भावना