नई दिल्ली, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि अब सभी कॉपरेटिव बैंक को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) रेगुलेट करेगी। देश में करीब 1500 कॉपरेटिव बैंक हैं। इससे पहले आरबीआई निजी और सरकार नियंत्रित बैंकों को ही रेगुलेट करता था। पिछले दिनों लगातार देश के कई हिस्सों से कॉपरेटिव बैंक में फर्जीवाड़े के मामले सामने आए हैं। जिसके बाद सरकार ने निर्णय लिया ऐसे मामलों को रोकने के लिए प्लान बनाने में जुटी थी। पिछले साल पंजाब एंड महाराष्ट्र कॉपरेटिव बैंक का मामला सामने आया था। तब इस बैंक को आरबीआई ने तुरंत अपने नियंत्रण में ले लिया था।
सरकार का कहना है कि बैंक की स्थिति सुधारने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने बजट में बैंकों में जमा राशि पर बीमा कवर मौजूदा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने का प्रस्ताव किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जमाकर्ताओं के पैसे सुरक्षित हो, इसके लिए एक बेहतरीन तंत्र बनाया जा रहा है। इसके अलावा सरकार का कहना है कि सरकारी बैंकों का विलय इसी दिशा में कदम है। सरकार ने बजट में आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है। सरकार की मानें तो जितने कम बैंक होंगे, व्यवस्था उतनी बेहतर होगी।
अब कोआपरेटिव बैंकों को संचालित करेगा आरबीआई