इंजीनियरिंग कालेजों के शिक्षक अगर परीक्षा में पास नहीं हुए तो ठहराए जायेंगे अयोग्य

भोपाल, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षा देने वाले प्रोफेसरों को अपनी योग्यता साबित करनी होगी। इसके लिए उन्हें ली जाने वाली परीक्षा में कम से कम पचास फीसदी अंक लाने होगें, अन्यथा उन्हें अयोग्य घाषित कर दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें परीक्षा देने के तीन मौके मिलेगें। तीन मौकों के बाद भी अगर शिक्षक परीक्षा में पास नहीं हो पाते हैं, तो इन्हें अयोग्य मान लिया जाएगा। इसके बाद ये शिक्षक कभी भी इंजीनियरिंग कॉलेजों में नहीं पढ़ा पाएंगे। दरअसल प्रदेश सहित देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों की गुणवत्ता लगातार गिर रही है। इसके चलते ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने कॉलेजों में पढ़ाने वाले असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसर के साथ प्रोफेसरों के लिए ट्रेनिंग और परीक्षा अनिवार्य कर दी है। इसमें सरकारी के साथ ही निजी कॉलेज में पढ़ाने वाले शिक्षक भी शामिल हैं। ट्रेनिंग के बाद इनकी की परीक्षा ली जाएगी। इस परीक्षा में शिक्षकों को 50 फीसदी अंक लाना होंगे। इससे कम अंक लाने वाले शिक्षकों को पास होने के लिए दो और मौके दिए जाएंगे। गौरतलब है कि आरजीपीवी ने चार साल पहले भी इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाने वालों की ऑनलाइन परीक्षा ली थी। इस परीक्षा में 80 फीसदी शिक्षक फेल हो गए थे। परीक्षा में शिक्षकों के फेल हो जाने के बाद इस प्रक्रिया को आरजीपीवी ने बंद कर दिया था। इसके बाद आरजीपीवी दोबारा इस प्रक्रिया को शुरू कर रहा है।
पहली परीक्षा में महज 12 सौ शिक्षकों ने ही भाग लिया था
इससे पहले आरजीपीवी द्वारा कराई गई ऑनलाइन परीक्षा में इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों ने दिलचस्पी ही नहीं ली थी। इससे इस परीक्षा में महज 1200 शिक्षक ही बैठे थे। इनमें 80 फीसदी शिक्षक फेल हो गए थे।
आरजीपीवी अपै्रल में लेगा परीक्षा
इस परीक्षा का कार्यक्रम एआईसीटी द्वारा जारी किया जाएगा। इसके बाद यह परीक्षा साल में चार बार होगी। बताया जा रहा है कि आरजीपीवी इस परीक्षा को अपै्रल में करा सकता है। एआईसीटीई इस परीक्षा की पहली तारीख इसी महीने जारी कर सकता है। इसके बाद देशभर के तकनीकी विश्वविद्यालयों को यह परीक्षा कराना होगी। आरजीपीवी से संबद्ध इजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या करीब 15 हजार है। इन सभी शिक्षकों का प्रशिक्षण भी होगा। इसके बाद इनकी परीक्षा होगी। आरजीपीवी ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

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