जबलपुर, देश फिलहाल संक्रमण काल के दौर से गुजर रहा है। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर किया जा रहा आंदोलन महज एक बहाना है। कुछ सियासी दल ऐसे आंदोलनों का समर्थन कर समाज व देश में भ्रम फैलाकर अशांति का माहौल पैदा कर रहे है। चूंकि सीएए कानून को देश की संसद ने पारित कर दिया है। इस लिहाज से इसके कानून बनने के बाद राज्यों को इसे रोकना उनके बस में नहीं है। जो राज्य इसे लागू नहीं करेंगे वह संवैधानिक संकट के हालत पैदा करेंगे। तदाशय के उद्गार शुक्रवार को यहां नगर प्रवास पर आये विश्वहिन्दू परिषद के अंर्तराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णुराव सदाशिव कोकजे ने व्यक्त किये। कोकजे ने कहा कि सीएए कानून के कारण देश में हिन्दुओं को सम्मान से जीने का अधिकार मिला है। यह हैरानी की बात है कि हिन्दू इस देश में बहुसंख्यक होने के बावजूद अल्पसंख्यक बन गया है। लोकतंत्र में सत्ता पर बहुसंख्यक राज करते है। उन्होंने कहा कि हिन्दुओं को संंबंध धर्मनिरपेक्षता से है। जिसके बारे में स्वार्थी दल अनर्गल प्रचार कर रहे है। रामजन्म भूमि आंदोलन सफल होने के बाद हिन्दूओं ने संयम व धैर्य से काम लिया और कोई जलसा जुलूस नहीं निकाला। यह हिन्दुओं की सहिष्णुता प्रदर्शित करता है। राममंदिर निर्माण के संबंध में पूछे गये एक सवाल पर विहिप अध्यक्ष ने कहा कि विश्व हिन्दु परिषद भले ही राममंदिर से जुड़ी संस्था रही है, लेकिन उसके संचालन में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है। हाँ, अगर परिषद को रामजन्म भूमि निर्माण से जुड़ी कोई जिम्मेदारी सौंपी जायेगी तो इस काम में हम पूरा सहयोग करेंगे। देश में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर उन्होंने कहा कि विहिप एक सांस्कृतिक संस्था है। देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों से उसका कोई लेनादेना नहीं है। पत्रकारवार्ता में विश्वहिन्दु परिषद के लक्ष्मण सिंह, राजेश तिवारी, श्रीराम करसौलिया, रजनीश जैन व सरबजीत सिंह मोखा भी मौजूद थे।
सीएए का विरोध कर कुछ राज्य पैदा करेंगे संवैधानिक संकट – कोकजे