भोपाल, मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि किसानों को वचन पत्र में जो मदद देने का उल्लेख किया है, उसे निभाने के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी नीयत और नीति स्पष्ट है यही कारण कि हमने किसान समृद्धि योजना में किसानों के लिये 1600 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। नाथ ने यह बात विधानसभा में अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा के बाद कही।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि किसी भी बजट की सीमा होती है। उस सीमा के अंदर सभी को संतुष्ट नहीं किया जा सकता। अपेक्षा होती है कि बजट पर आलोचना नहीं, बल्कि सुझाव देने की भावना से चर्चा की जाये। मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा किसानों को बोनस दिये जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश के लिये 75 लाख टन पीडीएस का कोटा निर्धारित किया था। पूर्व सरकार की प्रोत्साहन राशि की घोषणा होने के कारण यह कोटा घटाकर केन्द्र ने 36 लाख टन कर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री और केन्द्रीय मंत्री श्री रामविलास पासवान से जून, 2019 में मुलाकात करके यह कोटा बढ़ाने का आग्रह किया था। केन्द्रीय मंत्री ने अपने पत्र में 67 लाख टन कोटा करने की जानकारी दी, साथ ही यह भी शर्त जोड़ी की राज्य सरकार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसानों को बोनस की राशि नहीं देगी तभी यह कोटा बरकरार रहेगा अन्यथा पूर्वानुसार कोटे को 36 लाख टन कर दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अनुरोध किया कि वे इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार के मध्यप्रदेश के हितों के संरक्षण के लिये चर्चा करें। उन्होंने कहा कि केन्द्र राज्य सरकार को कोई सहयोग नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी सरकार किसानों के साथ ही मध्यप्रदेश के हितों का संरक्षण करने के लिये वचनबद्ध है।
मप्र में किसान समृद्धि योजना में किसानों के लिये 1600 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया