पीएम मोदी की जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात, सऊदी अरब तेल-गैस शोधन क्षेत्र में करेगा निवेश

रियाद,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए एक साथ मिलकर काम करने पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। इसके साथ ही पीएम मोदी सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद के साथ द्विपक्षीय बैठक करने वाले है। सऊदी अरब की राजधानी में ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनीशिएटिव फोरम’ से इतर दोनों नेताओं ने मुलाकात की। सऊदी अरब का बहुचर्चित तीन दिवसीय वैश्विक वित्तीय सम्मेलन मंगलवार को यहां शुरू हुआ जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य देशों के नेता भाग ले रहे हैं।इधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और सऊदी अरब क्रेता-विक्रेता के संबंधों से आगे निकलते हुए अब नजदीकी रणनीतिक भागीदारी की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसाधन संपन्न सऊदी अरब भारत की तेल एवं गैस शोधन एवं विपणन (डाउनस्ट्रीम) परियोजनाओं में निवेश करेगा। No Imageभारत को इराक के बाद सऊदी अरब से सबसे अधिक कच्चे तेल की आपूर्ति की जाती है। बीते वित्त वर्ष 2018-19 में सऊदी अरब ने भारत को 4.03 करोड़ टन कच्चा तेल बेचा। उस समय भारत का कच्चा तेल का आयात 20.73 करोड़ टन रहा। सोमवार रात यहां पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 18 प्रतिशत सऊदी अरब से आयात करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा शुद्ध रूप से क्रेता-विक्रेता संबंध से आगे बढ़ेते हुए हम अधिक नजदीकी रणनीतिक संबंधों की ओर बढ़ रहे हैं। इसमें सऊदी अरब द्वारा भारत की तेल एवं गैस शोधन परियोजनाओं में निवेश भी शामिल है। मोदी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता जरूरी है। उन्होंने भारत की ऊर्जा जरूरत के एक विश्वसनीय स्रोत के रूप में सऊदी अरब की भूमिका की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सऊदी अरब भारत के पश्चिमी तट पर एक बड़ी रिफाइनरी एवं पेट्रो रसायन परियोजना में भाग ले रहा है। हम भारत के पेट्रोलियम के रणनीतिक आरक्षित भंडार में अरामको की भागीदारी का इंतजार कर रहे हैं। सऊदी अरामको दुनिया की सबसे अधिक मुनाफे वाली कंपनी है। उसके पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 270 अरब बैरल का कच्चे तेल का भंडार है। सऊदी अरब अभी अरामको के कच्चे तेल के प्रसंस्करण संयंत्रों पर 14 सितंबर को हुए ड्रोन हमले से उबरने का प्रयास कर रहा है। इस हमले की वजह से सऊदी अरामको का करीब 57 लाख बैरल प्रतिदिन का उत्पादन प्रभावित हुआ। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का करीब 83 प्रतिशत आयात करता है।

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