न्यूयार्क,फायर अलर्ट के दौरान बच्चों को जगाने में फायर अलार्म से ज्यादा प्रभावी मां की आवाज होती है। यह दावा ताजा शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है। कोलंबस, ओहियो के नेशनवाइड चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या मां की आवाज की रिकॉर्डिंग बच्चों को जगाने में फायर अलार्म से ज्यादा प्रभावी होती है। टीम ने पांच से 12 साल के 176 बच्चों पर यह प्रयोग किया। उन्होंने स्टडी में मां की आवाज (मैटरनल वॉइस) में तीन अलार्म रखे साथ में एक स्टैंडर्ड स्मोक अलार्म भी रखा।शोध के नतीजे के मुताबिक, सोते हुए बच्चों में हाई-पिच अलार्म के मुकाबले मां की आवाज से जागने की संभावना ज्यादा देखी गई। इसके साथ रिसर्च में यह भी सामने आया कि जो बच्चे अपनी मां की आवाज से उठे थे वे बेडरूम से 18 से 28 सेकेंड में भाग निकले वहीं स्मोक अलार्म से उठे बच्चों को बाहर निकलने में 5 मिनट लग गए। हॉस्पिटल के डायरेक्टर मार्क ने बताया, ‘देखा गया है कि बच्चे सोते वक्त किसी भी साउंड से जगने के प्रतिरोधी होते हैं।’ अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह भी पता लगाने की कोशिश की कि क्या अलार्म में बच्चों का नाम भी शामिल किया जाए तो इससे उनके उठने में कोई फर्क पड़ता है या नहीं। लेकिन यह पता चला कि नाम शामिल करने से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। अध्ययन के लीड ऑथर डॉक्टर गैरी स्मिथ ने बताया, ‘इसका यह मतलब है कि घर पर एक-दूसरे के पास सो रहे कई बच्चों पर एक अलार्म काम कर सकता है।’ अगर आपको भी ऐसी नींद आती है, जिसे तोड़ने के लिए सारे अलार्म बेकार साबित होते हैं तो यह खबर आपके लिए काम की हो सकती है।
फायर अलर्ट के दौरान मां की आवाज सोते हुए बच्चों को जगाने में होती है ज्यादा प्रभावी