लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने केंद्रीय मोटरयान संशोधन अधिनियम 2019 को एक सितंबर से सख्ती से लागू करने की तैयारी कर ली है। इस मामले में परिवहन विभाग ने 28 अगस्त को अधिसूचना भी जारी कर दी है। नए नियमों के मुताबिक ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करने पर वाहन चलाने वाले को अब पहले से कई गुना ज्यादा जुर्माना देगा देना होगा।
नए प्रावधानों में अगर कोई नाबालिक वाहन चलाते पकड़ा गया, तो उसे 25 हजार रूपए का जुर्माना और गाड़ी मालिक को 3 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। साथ ही उस वाहन का रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया जाएगा। पहले नाबालिग के वाहन चलाने पर कोई जुर्माना नहीं था। इसी तरह से इमरजेंसी वाहन को रास्ता न देने पर भी अब तक कोई जुर्माना नहीं था, अब रास्ता न देने पर 10 हजार रूपए का जुर्माना भरना होगा।
बिना हेलमेट लगाए चलाने पर 500 रूपए की बजाय 1000 रूपए जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित हो जाएगा। परिवहन विभाग के मुताबिक ज्यादा जुर्माना न होने की वजह से लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करने से कतराते हैं, लेकिन अब लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करने को मजबूर हो जाएंगे।
नए संशोधन में कई दूसरे प्रावधान भी किए गए हैं-जैसे ड्राइविंग के समय मोबाइल पर बातचीत करने पर 1000 से बढ़ाकर जुर्माना 5000 रूपए कर दिया गया है। ड्राइविंग लाइसेंस न होने पर 500 की जगह 5000 रूपए देने होंगे। बगैर परमिट के ड्राइविंग करने पर 5000 की जगह 10000 रूपये देने होंगे। शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 2000 की जगह अब 10 हजार भुगतने होंगे। इसी तरह बाइक को स्टाइलिश बनाने के लिए साइलेंसर लगाने, हैंडल बदलने पर 5000 रूपए का जुर्माना होगा। रैश ड्राईविंग करने पर 15 हजार का जुर्माना होगा। स्टंट करने पर 10000 रूपए का जुर्माना भुगतना पड़ेगा।
यूपी में बदल रहे एक सितंबर से ट्रैफिक के नियम, अब भरना होगा कई गुना अधिक जुर्माना