जबलपुर, लंबे समय बाद नगर निगम सदन की सामान्य सभा की बैठक में पिछले दिनों शहर में हुये जलप्लावन का मुद्दा छाया। सत्ता पक्ष एजेंडे में चर्चा करने के लिये दबाव बना रहा था तो विपक्ष ध्यान आकर्षण के जरिये जलप्लावन पर चर्चा कराने के लिये अड़ा रहा। लंबे समय बाद नगर निगम साधारण सभा की बैठक गुरुवार को यहां पंडित भवानी प्रसाद कक्ष में प्रारंभ हुई। बैठक के प्रारंभ में ही विधायक विनय सक्सेना और कांग्रेस पार्षद संजय राठौड ने पिछले दिनों हुई बारिश के चलते शहर में जगह-जगह हुये जलप्लावन का मुद्दा उठा लिया। विपक्ष के ध्यान आकर्षण को अस्वीकार कर आसंदी ने एजेंडे के मुद्दे पर ही बात करने की इजाजत दी। सत्ता पक्ष ने एजेंडा के शामिल मुद्दों को विषय बनाया। अध्यक्ष ने लीज प्रकरणों पर चर्चा करने की बात कही और विपक्ष को रोका इस पर सदन पर हंगामा मच गया।
पिछले दिनों शहर में मचा हाहाकार
कांग्रेस के पार्षदों ने यह विषय उठाया कि पिछले दिनों शहर में हुई तेज बारिश में शहर में खूब पानी भर गया। भाजपा पार्षदों के वार्ड भी डूबे रहे। इसके बाद भी सत्ता पक्ष जलप्लावन को लेकर गंभीर नहीं है और चर्चा से बच रहा है। लोकतंत्र के लिये यह अच्छी बात नहीं है। पिछले १४ अगस्त को शहर में हुये व्यापक जलप्लावन से लोगों को भारी नुकसान पहुंचा। साथ ही नगर निगम द्वारा किये गये साफ-सफाई के प्रयासों की कलई खुल गई।
दिवंगतों को श्रद्धांजलि
बैठक की शुरुआत में वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व विदेश मंत्री श्रीमति सुषमा स्वराज, पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल गौर के निधन पर पक्ष-विपक्ष ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उसके बाद सदन ५ मिनिट के लिये स्थिगित कर दिया गया। उसके बाद शुरु हुई सदन की बैठक जलप्लावन के मुद्दे पर बहुत देर तक डूबी रही, फिर एंजेडे पर चर्चा शुरु हुई।
ननि सदन की बैठक में जलप्लावन के मुद्दे पर हंगामा, लीज के प्रकरणों पर चर्चा करने का दबाव