इंदौर, सैकड़ों करोड़ के जीएसटी घोटाले में करोड़ों की टैक्स चोरी का आरोपी अपनी बेटी की स्कूल फीस भी नहीं जमा कर पा रहा है। वही जिस मकान मे वो रह रहा है, वो भी किराये का निकला। यह हैरानी भरा जरुर है, लेकिन जीएसटी घोटाले में आरोपी बने दीपक सचदेव के घर जांच के दोरान स्कूल की बकाया फीस के नोटिस मिले है। गौरतलब है की विभाग की छह सदस्यीय टीम सचदेव के स्कीम 103 स्थित घर पहुंची थी। जुलाई के पहले सप्ताह में विभाग की टीम ने कई कारोबारी फर्मों पर छापे मारकर जीएसटी घोटाले का पर्दाफाश किया था।
घोटाले में तमाम कर सलाहकारों, अकाउंटेंट और जानकारों के नाम सामने आ चुके हैं। मामले में आरोपी बने एक कर सलाहकार गोविंद अग्रवाल ने छापों की कार्रवाई के बाद आत्महत्या कर ली थी। जांच के दौरान एक के बाद एक कई फर्मों के नाम घोटाले से जुड़े थे। बोगस बिलों से टैक्स क्रेडिट लेने और हवाला से बाद में पैसा ठिकाने लगाने के सबूत भी विभाग को मिल चुके हैं। इसी बीच टीम ने सचदेव के घर दबिश दे दी। अधिकारियों ने घंटों उससे पूछताछ की। सचदेव का नाम घोटाले के केंद्र में आई फर्मों सारु इंटरप्राइजेस व श्री ट्रेडलिंक से जुड़ा है। सारु इंटरप्राइजेस सचदेव के नाम से ही रजिस्टर्ड है। इस फर्म के जरिए फर्जीवाड़ा करने वालों ने करीब 380 करोड़ के बोगस बिल और 260 करोड़ के फर्जी ई-वे बिल भी बनाए। सचदेव पर विभाग 35 करोड़ से ज्यादा का टैक्स बकाया निकाल चुका है, लेकिन टीम उसके घर पहुंची तो उसकी आर्थिक स्थिति खस्ता निकली। दीपक ने पुछताछ के दोरान जांच टीम को बताया कि फर्म से देवेंद्र शर्मा व अन्य ने व्यापार करने का करार किया था। बदले में 25 हजार रुपए महीना मुझे दिया जाना था। खराब आर्थिक स्थिति के मद्देनजर मैंने कमाई के लालच में उन्हें अनुमति दी थी। मुझे पता ही नहीं था कि फर्म के नाम और जीएसटी रजिस्ट्रेशन के जरिए सैकड़ों करोड़ के बोगस बिल बनाकर घोटालों का अंजाम दिया जा रहा है।
जीएसटी घोटाले के आरोपी की माली हालत खस्ता, बेटी की स्कूल फीस भी नहीं कर पा रहा जमा