खमारपानी डोंगरगढ़ के जंगल में ठिकाना बना कर रह रहा उमरिया डकैती और हत्याकांड का सरगना देवा गिरफ्तार

छिंदवाड़ा, मोहखेड़ थाने की उमरानाला चौकी से पुलिस कर्मियों पर हमला कर भागे उमरिया डकैती-हत्या कांड के मुख्य सरगना देवा उर्फ देवराज पिता नेतराम वर्मा को पुलिस ने मंगलवार बुधवार की दरम्यानी रात बिछुआ के डोंगरगढ़ के जंगल में बनी एक झोपड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी देवा को पनाह देने वाले पांच आरोपियों पर भी पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में मामले की जानकारी देते हुए एसपी मनोज राय, एएसपी शशांक गर्ग ने बताया कि डकैती हत्याकांड के सरगना देवा 6-7 अगस्त की रात अपने 7 साथियों के साथ पुलिस कर्मियों पर हमला कर उमरानाला चौकी से फरार हो गया था। सरगना के 7 साथी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। जबकि देवा घटना के बाद से फरार चल रहा था। देवा पर 50 हजार रुपए का ईनाम भी घोषित किया गया था। इसे पकड़ने के लिए अलग अलग टीमे बनाई गई थी। मंगलवार की रात मुखबिर से सूचना मिली कि डकैती हत्याकांड और पुलिस कर्मियों पर हमला कर फरार हुआ देवा को बिछुआ खमारपानी के जंगल में देखा गया है। सूचना के बाद एक टीम को खमारपानी के डेंगरगढ़ के जंगल में भेजा गया। यहां एक झोपड़ी में छिपकर बैठे देवा को पुलिस ने धर दबोचा। एसपी ने बताया कि देवा ने अपनी पहचान छिपाने के लिए दाढ़ी-मूछ एवं सिर के बाल भी मुंडवा लिए थे। फिर भी पुलिस ने हुलिया के आधार पर उसकी पहचान करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
दो गांव के लोगें ने दी थी पनाह
एसपी राय ने बताया कि सरगना देवा एक सप्ताह से पुलिस को चकमा देकर लुकते छिपते फिरता रहा इस बीच वह राजना में अपने रिश्तेदारी में पहुंच गया। जहां उसके रिश्तेदार किशन और उसके पुत्र ने देवा को पहनने के लिए कपड़े मोबाइल भी उपलब्ध कराया। जबकि गांव के हरीश किरार, रामप्रसाद किरार, सुनील किरार ने देवा के लिए रूकने और खाना पीने की व्यवस्था की। साथ ही हुलिया बदलने में भी मदद की। देवा को पनाह देने के मामले में गांव का कोटवार का नाती रोहित भी शामिल था।पुलिस ने पनाह देने वाले 5 लोगों के खिलाफ धारा 216 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस को आरोपी देवा की गिरफ्तारी में चांद, बिछुआ एवं मोहखेड़ की आम जनता का भी सहयोग मिला था। एसपी ने जनता का भी आभार माना है। आरोपी देवा की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई टीम में थानाप्रभारी मोहखेड़, चांद, बिछुआ, कुंडीपुरा, कोतवाली, एवं क्राइम ब्रांच के अधिकारी कर्मचारी शामिल थे। जिन्हे कप्तान द्वारा पुरस्.कृ त भी किया जाएगा।
-यह था मामला
करीब एक पखवाड़े पूर्व 25-26 जुलाई की दरम्यानी रात देवा और उसके सात साथियों ने उमरानाला चौकी अंतर्गत ग्राम उमरिया में रहने वाले फकीरा पाठे के घर पर जबरन घुस कर डकैती की घटना को अंजाम दिया था। और डकैतो द्वारा 70 वर्षीय फकीरा पाठे की हत्या कर दी गई थी। जबकि इसके पुत्र भीमराव पाठे और उसकी मां भागरथी बाई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। घटना के चार दिन बाद 30-31 जुलाई की दरम्यानी रात आरोपी छिंदवाड़ा के सर्रा गांव में डकैती की योजना बनाते हुए पकड़े गए थे। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों क ाð नागपुर, नैनपुर, और उमरानाला के अलग अलग ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया था। और न्यायालय में पेश करने के बाद रिमांड में लेते हुए 9 अगस्त तक के लिए उमरानाला पुलिस अभिरक्षा में रखा गया था। जहां से वे पुलिस कर्मियों पर हमला करके सभी आरोपी फरार हो गए थे।

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