भोपाल, ट्रेजर आईलैंड मॉल मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह एवं पूर्व पर्यावरण मंत्री राकेश सिंह को आरोप मुक्त कर दिया हैं। उनके अलावा पूर्व मुख्य सचिव एवी सिंह, वीपी कुलश्रेष्ठ एवं पद्मा कालानी को भी आरोप मुक्त कर दिया है। विधायकों और सांसदों के मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेश सिंह ने इंदौर के ट्रेजर आईलैंड मॉल मामले में ईओडब्ल्यू की ओर से पेश की गई खात्मा रिपोर्ट मंजूर कर ली है। अदालत ने मामले के फरियादी महेश गर्ग की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ पेश किए गए आवेदन को भी खारिज कर दिया है। मामले के अनुसार इंदौर के एमजी रोड पलासिया स्थित बेशकीमती एक लाख वर्गफीट आवासीय भूमि का उपयोग बदलकर व्यावसायिक कर दिया गया था। मई 2003 में जमीन पर आमोद-प्रमोद, परिवारिक मनोरंजन केंद्र एवं मल्टीप्लेक्स शॉपिंग मॉल बनाने के लिए भूमि स्वामी कालानी ब्रदर्स की मेसर्स इंटरटेनमेंट और हाउसिंग बोर्ड के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे। एमओयू के अनुसार हाउसिंग बोर्ड के 51 प्रतिशत शेयर थे। इस योजना से हाउसिंग बोर्ड को 2 करोड़ 25 लाख रुपए मिलना थे। नवंबर 2003 में विधानसभा चुनाव के बाद भूमि स्वामी को लाभ पहुंचाने के लिए एमओयू निरस्त कर दिया गया। एमओयू निरस्त होने के बावजूद दिसंबर 2003 में तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से राजपत्र में अधिसूचना जारी की गई थी। इस मामले में ईओडब्ल्यू ने वर्ष 2008 में महेश गर्ग की शिकायत पर तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित 12 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, दस्तावेजों में कूट रचना और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। ईओडब्ल्यू ने मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर दिग्विजय सिंह के खिलाफ वर्ष 2012 में क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी।
कोर्ट ने ट्रेजर आईलैंड मामले में ईओडब्ल्यू की खात्मा रिपोर्ट को दी मंजूरी, दिग्विजय एवं चौधरी राकेश हुए आरोप मुक्त