कर्नाटक में सरकार पर संकट, कांग्रेस-जेडीएस के 13 विधायक इस्‍तीफा देने पहुंचे

बेंगलुरु, कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस की गठबंधन सरकार में सब ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। सियासी खींचतान के चलते गंभीर सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के 13 विधायक इस्‍तीफा देने विधानसभा अध्‍यक्ष रमेश कुमार के कार्यालय पहुंचे हैं। इन विधायकों में 10 कांग्रेस और 3 जेडीएस के हैं। इस्‍तीफे देने पहुंचे विधायकों में रामलिंगा रेड्डी, सौम्‍या रेड्डी, बीसी पाटिल का नाम सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि विधानसभा अध्‍यक्ष अभी अपने कार्यालय में नहीं हैं। उधर, इन विधायकों के फोन बंद आ रहे हैं। मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी की सरकार संकट में आ गई है। ऐसी चर्चा है कि अभी और विधायक इस्‍तीफा दे सकते हैं। इस घटनाक्रम कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी को करारा झटका लगा है। संकट को देखते हुए कांग्रेस के संकटमोचक डीके शिवकुमार अपने विधानसभा क्षेत्र कनकपुरा से वापस बेंगलुरु आ गए हैं। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्‍यक्ष दिनेश गुंडुराव विदेश में हैं। इस बीच कांग्रेस के कार्यकारी अध्‍यक्ष ईश्‍वर खंडरे वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता विधायक रामलिंगा रेड्डी के आवास पर पहुंचे हैं। ऐसी चर्चा है कि इस्‍तीफा देने वालों में रामलिंगा रेड्डी भी शामिल हैं। उधर, विधानसभा अध्‍यक्ष रमेश कुमार ने कहा है कि इस्‍तीफा देने की प्रक्रिया है। उन्‍होंने कहा, ‘उन्‍हें मुझसे मिलने के लिए समय लेना होगा। मैं किसी बाजार में नहीं बैठा हूं और इस्‍तीफा देने की अफवाह उड़ाकर ब्‍लैकमेल की रणनीति काम नहीं करेगी।’ बता दें कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि कुल 13 विधायकों ने इस्‍तीफे की धमकी दी है। इन विधायकों ने ऐसे समय पर इस्‍तीफा दिया है जब मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी अमेरिका गए हुए हैं।
224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में बहुमत के लिए 113 विधायकों का समर्थन होना जरूरी है। अभी कांग्रेस-जेडीएस के कुल 116 और भाजपा के 104 सदस्य हैं। गठबंधन सरकार को बीएसपी के एक विधायक का समर्थन भी हासिल है। निर्दलीय विधायक आर शंकर और एच नागेश के समर्थन वापस लेने के बाद अभी गठबंधन के पास बहुमत से 4 ज्यादा यानी 117 विधायकों का समर्थन है। अटकलों की मानें तो भाजपा का प्लान है कि विधानसभा की कुल संख्या को ही घटाकर 207 तक ले आया जाए जिससे कि उसके 104 विधायक बहुमत में आ जाएं। इसके लिए पार्टी को करीब 16 सदस्यों के इस्तीफे चाहिए। अगर संभावित बागी विधायकों की नाराजगी का फायदा भाजपा को मिल भी जाता है, तो भी उसे कम से कम 16 विधायकों के इस्तीफे चाहिए होंगे। पिछले दिनों दो निर्दलीय विधायकों ने कुमारस्‍वामी सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था।

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