भोपाल, मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार सोलर पंप के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम करने वाले राष्ट्र को विनोबा भावे अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार देगी। मुख्यमंत्री नाथ ने आज केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में 650 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्र का शिलान्यास करते हुए यह घोषणा की।
नाथ ने कहा कि 27 साल पहले रियो में ग्लोबल वार्मिंग पर अंतर्राष्ट्रीय अर्थ समिट में जब वे केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री के रूप में शामिल हुए थे, तब उन्होंने अपने वक्तव्य में बढ़ते तापमान पर चिंता व्यक्त करते हुए गैर पारंपरिक ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात कही थी। साथ ही इसके लिए एक कोष बनाने की भी मांग की थी। उस वक्त इस सबसे बड़े शिखर सम्मेलन में, जहाँ 127 देश के राष्ट्र प्रमुख भाग ले रहे थे किन्तु इस मुद्दे पर कोई पहल नहीं हुई थी। उस वक्त कोई भी इस विषय पर बात करने को तैयार नहीं था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2002 तक लोगों में सौर ऊर्जा के प्रति कोई दिलचस्पी नहीं थी। । उस समय सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन महँगा था। उन्होंने कहा कि आज स्थिति बदली है। आज जिस संयंत्र की स्थापना पुलिस अकादमी में होने जा रही है उसकी बिजली मात्र 1 रुपये 38 पैसे में उपलब्ध होगी। अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांति आई है। हमारे सामने अगली सबसे बड़ी चुनौती सौर ऊर्जा के भंडारण की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में काम कर रही है। प्रदेश में बड़े पैमाने पर पड़त भूमि उपलब्ध है, जिसका उपयोग हम सौर ऊर्जा के भंडारण के लिए करेंगे।
नाथ ने कहा कि हम सौर ऊर्जा का बड़े पैमाने पर उपयोग ग्रामीण क्षेत्र विशेषकर कृषि क्षेत्र में करने जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि कृषि क्षेत्र में अधिक से अधिक गैर पारंपरिक ऊर्जा का उपयोग हो। इससे हम पर्यावरण के साथ ही खेती-किसानी के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध करवायेंगे और कई स्तरों पर होने वाले व्यय को कम कर सकेंगे।
मध्यप्रदेश सरकार सोलर पम्प के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र को देगी विनोबा भावे पुरस्कार