EOW भाजपा के तीन पूर्व सांसदों ऊंटवाल,मालवीय और केसरी की आर्थिक गड़बड़ियों की जांच करेगा

भोपाल,भाजपा के दो पूर्व लोकसभा सदस्यों मनोहर ऊंटवाल व चिंतामणि मालवीय और राज्यसभा सदस्य नारायण सिंह केसरी सहित मनोनीत विधायक रहीं लोरेन बी लोबो के खिलाफ ईओडब्ल्यू की जांच शुरू हो गई है। देश की पिछली शिवराज सिंह सरकार में हुई आर्थिक गड़बड़ियों के खिलाफ कमलनाथ सरकार ने आक्रामक रूख अख्तियार कर लिया है। मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव रहे एएन मिश्रा, विधि अधिकारी सुधीर श्रीवास्तव और कौंसिल पुरुषेंद्र कौरव (पूर्व महाधिवक्ता) के विरुद्ध भी अवैध पारिश्रमिक की जांच शुरू हो गई है। ईओडब्ल्यू महानिदेशक केएन तिवारी ने बताया कि पूर्व सांसदों के खिलाफ डेढ़ करोड़ से ज्यादा तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 54 लाख से ज्यादा की गड़बड़ी की जांच होगी। जो भी साक्ष्य पाए जाएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सभी सांसदों ने शिक्षण संस्थाओं में एमपी लैड्स स्कीम के अंतर्गत कंप्यूटर शिक्षण परियोजना के तहत सांसद निधि से कंप्यूटर की स्थापना तथा प्रशिक्षण का काम कराया। इसके लिए इन्होंने एनजीओ ‘सोसायटी फॉर अवेयरनेस एंड मोटिवेशन इन बेसिक आसपेक्ट्स ऑफ लाइफ (संबल) की अनुशंसा की।
सूत्रों की माने तो संस्था ने घटियास्तर के असेम्बल्ड कंप्यूटर की सप्लाई की। यह एनजीओ प्रदेश कांग्रेस के आईटी सेल के अध्यक्ष अभय तिवारी का है। पूर्व सांसद ऊंटवाल द्वारा अक्टूबर 2014 में शाजापुर कलेक्टर को 60 लाख के काम के लिए ‘संबल’ की अनुशंसा की, जिसमें दस शिक्षण संस्थाओं में काम कराया। आगरमालवा कलेक्टर को भी इसी तरह अनुशंसा की। वहीं पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय ने 48 लाख की राशि को लेकर उज्जैन कलेक्टर को पत्र लिखा। इसमें एनजीओ संबल को आठ स्कूलों में कंप्यूटर की स्थापना की अनुशंसा की गई। केसरी ने भी रतलाम कलेक्टर को चार स्कूलों के लिए अनुशंसा पत्र लिखा। मनोनीत विधायक रहीं लोरेन बी लोबो द्वारा निधि का दुरुपयोग विधायक निधि का विकास कार्यों के अलावा दुरुपयोग किया। इसमें सनराइज फुटबॉल क्लब, स्टार क्रिकेट क्लब और सरगम संगीत सेंटर के लिए पैसा दिया गया। उधर अवैध पारिश्रमिक एएन मिश्रा, विधि अधिकारी सुधीर श्रीवास्तव और कौंसिल पुरुषेंद्र कौरव पर 54 लाख से ज्यादा का अवैध पारिश्रमिक लेने का आरोप है।

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