मोदी को आज चुना जायेगा BJP संसदीय दल का नेता, संसद के केंद्रीय हॉल में होगी बैठक

नई दिल्ली,लोकसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की रिकॉर्ड जीत के बाद नई सरकार गठित होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस क्रम में एनडीए संसदीय दल की बैठक आज शाम 5 बजे बुलाई गई है। इसमें गठबंधन के सभी नवनिर्वाचित सांसद शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि इस दौरान औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेता चुना जा सकता है। उधर, आज ही भाजपा संसदीय दल की भी बैठक होनी है। बता दें कि भाजपा ने अकेले 303 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है। वहीं, एनडीए के खाते में 82 और महागठबंधन को मात्र 15 सीटें मिली हैं। भाजपा समेत समूचे सहयोगी दलों में जश्न का माहौल है और इसके साथ कैबिनेट में जगह को लेकर भी चर्चा का दौर शुरू हो गया है।
बंगाल के 4 सांसदों को कैबिनेट में जगह
इस बार पश्चिम बंगाल के चार सांसदों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। इस बात को लेकर स्टेट भाजपा के नेता भी आश्वस्त दिख रहे हैं। दरअसल, लोकसभा चुनाव में जीत के बाद अब भाजपा की नजर 2021 में होने वाला विधानसभा चुनाव पर हैं। फिलहाल भाजपा के सभी सांसदों को शनिवार को दिल्ली बुलाया गया है।
संसदीय बोर्ड की बैठक में पारित प्रस्ताव में क्या?
इससे पहले भाजपा ने अपने संसदीय बोर्ड की बैठक में पारित प्रस्ताव के बारे में जानकारी दी। पार्टी के ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगामी 5 वर्षों में भारत को यशस्वी बनाते हुए नए भारत के निर्माण के लिए एनडीए कृतसंकल्पित होकर कार्य करेगा। एक अन्य ट्वीट में कहा गया, पिछले कार्यकाल में पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार की गरीब कल्याणकारी नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण, सबका साथ-सबका विकास के मूलमंत्र के साथ भारत की वैश्विक साख बढ़ाने के लिए यह जनता का सकारात्मक वोट है।
3 जून को समाप्त हो रहा कार्यकाल
आपको बता दें कि 16वीं लोकसभा का कार्यकाल 3 जून को समाप्त हो रहा है। 17वीं लोकसभा का गठन 3 जून से पहले किया जाना है और नए सदन के गठन की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में तब शुरू होगी जब तीनों चुनाव आयुक्त राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेंगे और नवनिर्वाचित सदस्यों की सूची सौपेंगे।
जेटली वित्त मंत्रालय का कार्यभार नहीं लेंगे
सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में वित्त मंत्री अरुण जेटली दोबारा वित्त मंत्रालय का कार्यभार नहीं लेंगे। इसकी वजह उनकी सेहत ठीक न होने को बताया जा रहा है। अगर जेटली पद स्वीकार नहीं करते हैं तो केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय या दोनों मंत्रालयों का प्रभार दिया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *