छिंदवाड़ा, बचपन से माउंट एवरेस्ट को फतह करने का सपना संजोने वाली तामिया की बेटी भावना डेहरिया ने इसे 22 मई की सुबह पूरा कर लिया। इसके साथ ही भावना यह उपलब्धि हासिल करने वाली मध्य प्रदेश की पहली व देश की सबसे कम उम्र की महिलाओं में से एक बन गई है। उनकी इस उपलब्धि पर जिला ही नहीं पूरा प्रदेश और देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
27 वर्षीय भावना 3 अप्रैल से माउंट एवरेस्ट के अभियान पर थी। भावना ने 20 मई को एवरेस्ट कैम्प3 (7400 मीटर) से शुरुआत कर 21 मई को कैम्प4 पर पहुंची। वहां से रात्रि में अपने अभियान को पूरा करते हुए भावना ने 22 मई की सुबह दुनिया के सबसे उंचे शिखर माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) पर विजय प्राप्त कर ली।
शिक्षक मुन्नालाल और उमादेवी डेहरिया की पुत्री भावना की इस सफलता पर हर कोई फुले नहीं समा रहा है। भावना के पिता ने बताया कि उसने देश और प्रदेश का नाम रोशन कर साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं है। वह बचपन से ही साहसिक खेलों में रुचि रखती थी। पर्वतारोही बनने के लिए सतत मेहनत से भावना ने दुनिया की सबसे बड़ी चोटी पर तिरंगा लहरा दिया। भावना भोपाल के वीएनएस कॉलेज की छात्रसंघ अध्यक्ष होने के साथ ही फिजिकल एजुकेशन में एमपीएड कर रही हैं।
2 साल में 3 बड़ी उपलब्धियां
बीते दो साल में भावना ने हिमालय के डीकेडी तथा मनिरंग अभियान में भी सफलता के झंडे गाड़े हैं।
सीएम ने दी बधाई
भावना की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री कमल नाथ ने उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए भावना की उपलब्धि बड़े ही गर्व का विषय है। उल्लेखनीय है कि भावना के इस अभियान के लिए सीएम ने 27.50 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की थी।
मध्य प्रदेश के तामिया की भावना ने देश में सबसे कम उम्र में फतह किया माउंट एवरेस्ट