MP के 18 जिलों में दो हजार किलोमीटर लंबी सड़कें बनेंगी, खर्च आएगा चार हजार 875 करोड़ रुपए

भोपाल,मध्यप्रदेश में चार हजार 875 करोड़ रुपए की लागत से नई सडकें बनेगी। सडक बनाने के लिए यह धनराशि न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) से मिली है। इस राशि से प्रदेश के 18 जिलों में दो हजार किलोमीटर लंबी सड़कें बनेंगी। सडक बनाने का काम लोक निर्माण विभाग (पीडल्ब्यूडी) करेगा। पीडब्ल्यूडी का दावा है कि प्रदेश में पहली बार सड़कों के निर्माण में अंतर्राष्ट्रीय मापदंडों का पूरा ख्याल रखा जाएगा यानि कि प्रदेश की सडके अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बनने जा रही है। इसके लिए नई व्यवस्था (फिडिक डॉक्यूमेंट) लागू की गई है। होशंगाबाद और विदिशा डिवीजन में पांच-पांच नई सड़कों से इसकी शुरूआत होगी। अंतरराष्ट्रीय मानकों से कामकाज की निगरानी और गुणवत्ता परखने स्वतंत्र इंजीनियर (थर्ड पार्टी) की नियुक्ति भी की गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सड़क निर्माण के क्षेत्र में अभी राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकरण एवं मप्र सड़क विकास निगम ही अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर काम करता रहा है। लोक निर्माण विभाग ने पहली बार ‘फिडिक” डॉक्यूमेंट (अंतर्राष्ट्रीय निर्माण परिजयोनाओं के संदर्भ में अपने काम और मानक शर्तों के मसौदा के लिए प्रसिद्ध) व्यवस्था के तहत उच्च गुणवत्ता की सड़कें बनाने का काम हाथ में लिया है। इस निर्माण कार्य की निगरानी के लिए थर्ड पार्टी (स्वतंत्र इंजीनियर) भी नियुक्त किया गया है। यह इंजीनियर निर्माण कार्य की गुणवत्ता (सुपरविजन क्वालिटी कंसल्टेंट) देखेगा। इसके लिए जिस कंपनी (एमएसवी) को तैनात किया गया है, वह देश के 22 राज्यों में यह काम कर रही है। इसके अलावा पर्यावरण सलाहकार एवं सामाजिक सर्वे सलाहकार भी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि ब्रिक्स देशों (ब्रिटेन, रूस, भारत, चीन एवं दक्षिण अफ्रीका) के संगठन द्वारा संचालित एनडीबी ने मप्र में सड़क निर्माण के लिए 3250 करोड़ रुपए एवं पुल-पुलियाओं के लिए 1625 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इसके तहत पुराने और जर्जर पुलों के स्थान पर नए 358 पुल-पुलिया बनाए जाएंगे। इसके अलावा 2000 किमी लंबी 85 नई मुख्य जिला सड़कें बनेंगी। यह राशि निर्माण कार्य पूरा कराने के बाद बैंक द्वारा जारी की जाएगी। निर्माण का भुगतान पहले शासन की ओर से होगा, उसके बाद बैंक द्वारा प्रतिपूर्ति की जाएगी। प्रोजेक्ट के तहत उज्जैन में 168 किमी, खरगोन 153 किमी, कटनी 143 किमी, जबलपुर 71 किमी, विदिशा 98 किमी, इंदौर-धार 47 किमी, बड़वानी 105 किमी, छिंदवाड़ा 117 किमी, डिंडौरी-मंडला 112 किमी, शिवपुरी-गुना 114 किमी, खंडवा-बुरहानपुर 199 किमी, उमरिया 40 किमी, भिंड-दतिया 69 किमी, होशंगाबाद 99 किमी एवं ग्वालियर में 112 किमी लंबाई की सड़कें बनाई जा रही हैं। इन सड़कों के टेंडर हो चुके हैं। इनके अलावा रतलाम में 64 और पन्ना में 119 किमी लंबी सड़कों के लिए दोबारा टेंडर किए जा रहे हैं। पहले होशंगाबाद और विदिशा जिले की सड़कों का काम होगा। इस बारे में लोनिवि के प्रमुख अभियंता आरके मेहरा का कहना है कि विभाग ने पहली बार अंतर्राष्ट्रीय टेंडर डाक्यूमेंट पर सड़क और पुल-पुलियाओं का निर्माण कार्य हाथ में लिया है। निर्माण कार्य के लिए एनडीबी ने 2022 तक का समय दिया है। हमारा प्रयास है कि शासन के सहयोग से समयसीमा के पूर्व ही (संभवत: 2021 तक) गुणवत्तापूर्वक कार्य पूरा करा लिया जाए।

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