नई दिल्ली, चार बार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी के कत्ल के तार सीधे घर से जुड़ रहे हैं। मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबिक अब तक की तफ्तीश यही इशारा कर रही है कि कातिल घर का ही है। हालांकि पुलिस अब तक कई किश्तों में घंटों रोहित की पत्नी अपूर्वा, रोहित के भाई सिद्धार्थ और घर के नौकर और ड्राइवर से पूछताछ कर चुकी है। मगर कातिल का नाम उजागर करने से पहले वह कत्ल की सारी कड़ियों को जोड़ लेना चाहती है। उम्मीद की जानी चाहिए कि कातिल का चेहरा जल्दी ही सामने आ जाएगा। एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की घर। घर के अंदर कुल छह लोग। न बाहर से कोई अंदर आया। न घर से कोई बाहर गया। फिर भी छह में से एक का क़त्ल हो जाता है।
घर के अंदर और बाहर कुल सात सीसीटीवी कैमरे। एक कैमरा घर के अंदर और बाहर की सारी तस्वीरें दिखा रहा है। मगर सात में से दो कैमरे खराब हैं। और ये वो दो कैमरे थे, जो रोहित शेखर के बेडरूम के दरवाजे तक झांकते थे। लेकिन कमाल देखिए कि वही दो कैमरे खराब मिले जो ये बता सकते थे कि वारदात वाली रात रोहित के बेडरूम में कौन गया और कौन नहीं?
मौत से कुछ घंटे पहले रोहित की पत्नी अपूर्वा ने रोहित की मां से कहा कि रोहित सो रहा है। जबकि उसी वक्त रोहित कमरे से बाहर आता है और मां के साथ खाना खाता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रोहित की मौत 15-16 अप्रैल की रात एक से डेढ़ बजे के दरम्यान हुई? अगर रोहित की मौत दो बजे से पहले हो चुकी थी तो फिर 16 अप्रैल की रात दो से 4 बजे के बीच रोहित के मोबाइल से फोन करने की कोशिश किसने की? क्योंकि कॉल डिटेल के मुताबिक रोहित के मोबाइल से कॉल करने की कोशिश की गई थी, हालांकि कॉल लगी नहीं।
रोहित रात करीब एक बजे अपने बेडरूम में चला गया था। मगर इसके बाद भी अगले दिन चार बजे तक नहीं उठा। यानी 24 घंटे से ज्यादा वह सोता रहा और घर के किसी शख्स को यह अजीब तक नहीं लगा? ऐसा क्यों? बस यही वे बातें हैं, जिसने मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को यह यकीन दिला दिया है कि रोहित शेखर तिवारी का कातिल घर के बाहर नहीं बल्कि घर के ही अंदर है, अब सवाल यह है कि वह कौन है?
सबसे ज्यादा शक रोहित शेखर की पत्नी अपूर्वा पर किया जा रहा है। अपूर्वा वकील है और उसकी शादी साल भर पहले ही रोहित से हुई है। यह वही अपूर्वा है, जो बकौल पुलिस रोहित के कमरे में उस रात जाने वाली आखिरी शख्स थी। शक के घेरे में दूसरे नंबर पर है रोहित का भाई सिद्धार्थ। सिद्धार्थ इसलिए क्योंकि पुलिस को लगता है कि करोड़ों की संपत्ति को लेकर भाई-भाई को रास्ते से हटा सकता है। चूंकि अभी तक केस सुलझा नहीं है और कातिल पुख्ता तौर पर सामने भी नहीं आया है।
लिहाज़ा शक के घेरे से कोई भी बाहर नहीं है। यहां तक कि रोहित की मां उज्जवला भी शक के दायरे से बाहर नहीं हैं। हालांकि यह बात साबित हो चुकी है कि रोहित के कत्ल के वक्त उज्जवला वहां नहीं थीं। वह कुछ घंटे पहले ही उस घर से निकल कर तिलक लेन के अपने दूसरे घर में जा चुकी थीं। मगर साज़िश के तार उन तक जाते हैं या नहीं, यह अभी साफ नही हैं।
रोहित शेखर का कातिल परिवार में ही है ,शक के घेरे में पत्नी समेत छह लोग आये