भोपाल, भोपाल लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने आज यहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में विकसित भोपाल की अपनी परिकल्पना को लेकर महत्वाकांक्षी विज़न डाक्यूमेंट जारी किया, जिसमें उनके सपनों के भोपाल का सिलसिलेवार उल्लेख है। सिंह ने कहा कि भोपाल के संस्कार, संस्कृति और मिज़ाज बिलकुल अलग तरह का है। हैरीटेज विथ डेवलपमेंट ही मेरे विज़न डाक्यूमेंट का मूल आधार है।
भोपाल के आसपास के शहरों को सेटेलाइट टाऊन के रूप में विकसित करना और उसकी कनेक्टिविटी भेापाल से करने के लिये एजूकेशन हब, साफ्टवेयर पार्क, हास्पिटेलिटी, हेल्थ, फुड प्रोसेसिंग प्लांट विकसित करने का एक सूंदर विज़न इस दस्तावेज में शामिल किया गया है। मेरी प्रतिबद्धता भोपाल के प्रति है और इस विज़न डाक्यूमेंट को लागू करने के लिये मैं भोपालवासियों को निराश नहीं होने दूंगा। विज़न डाक्यूमेंट में सबसे महत्वपूर्ण बात एजुकेशन सिटी और रोजगार के बारे में बतायी गयी है। इसमें वर्किंग महिलाओं और महिला विद्यार्थियों के लिये आवासीय सुविधा और सीहोर में मेडीकल कॉलेज खोलने की बात मुख्य रूप से शामिल है। ‘‘देश का दिल-व्यापार का केंद्र’’ चैप्टर में मेगा लाजिस्टिक और वेयर हाउस जोन और बैरागढ़ में टेक्सटाइल ट्रेडिंग हब बनाने की परिकल्पना है। साथ ही रोजगार के लिये भोपाल को आईटी सिटी के लिये स्पेशल एकानामिक जोन बनाया जायेगा। रोजगार से युवाओं को जोड़ने के लिये भोपाल जाॅब पोर्टल भी बनेगा।
तालाबों का संरक्षण
दिग्विजयसिंह ने कहा कि पिछले वर्षों में बड़े तालाब का संरक्षण नहीं किया गया। पेड़ों की हरियाली छीन ली गयी। मोदी जी के दिमाग में अभी तक यह बात साफ नहीं है कि स्मार्टसिटी के मायने क्या हैं? भोपाल को सुंदरता के साथ विकसित करने की अपार संभावनायें हैं। हैदराबाद, पुणे, बैंगलुरू, नागपुर जैसे शहर तो विकसित हो गये, लेकिन भोपाल के विकास में पिछले 15 सालों में हम पिछड़ गये। भोपाल को ग्लोबल सिटी बनाना मेरा विज़न है। पुराने भोपाल में आवागमन सुगम बनाने के लिये भी हम कार्ययोजना बनायेंगे।
सिंह ने कहा कि आज का विकसित गुड़गांव राजीव गांधी की परिकल्पना का ही प्रतिफल है। उन्होंने इसके विकास के पहले विशेषज्ञों और आम लोगों के सुझाव लिये थे। इसी तरह नोएडा के विकास के पहले संजय गांधी जी ने इसमें रूचि ली थी। उन्होंने कहा कि 2020 में भोपाल का जो मास्टर प्लान बनेगा, उसमें विज़न डाक्यूमेंट की सारी बातें शामिल करायेंगे। आर्टिस्ट, रंगकर्मी और साहित्यकारों सहित युवाओं, विद्यार्थियों और उन सभी लोगों से मैंने सुझाव लिये हैं, जिन्हें भोपाल से प्रेम है और जिन्हें भोपाल के संस्कार और संस्कृति पर गर्व है।
उपस्थित पत्रकारों को विज़न डाक्यूमेंट की प्रति वितरित करने के साथ-साथ स्क्रीन पर भी प्रेजेंटेशन दिया गया। साथ ही इसे तैयार करने में मुख्य भूमिका निभाने वाले मनोज सिंह मीक ने भी इसकी खास-खास बातें बतायीं। इनमें ‘‘भोपाल से, भोपाल तक-जुड़ेगी दुनिया देखेगी दुनिया’’ शीर्षक से टूरिस्ट हब, रोजगार और हवाई सेवाओं के विस्तार की बात है। ‘‘सुनियोजित विकास-सुसंगत विकास’’ के चैप्टर में बताया गया है कि भोपाल के आसपास के आठ शहरों को किस तरह कारीडोर बनाकर सैटेलाइट टाउन के रूप में विकसित किया जायेगा।
टूरिस्ट हब
इनमें विदिशा, सीहोर, बैरसिया, रायसेन, नरसिंहगढ़, रातीबड़, बिलकीसगंज, बंगरसिया और औबेदुल्लागंज शामिल हैं। ‘‘सशक्त किसान-जीवन आसान’’ में किसान सिटी बनाने की बात है। इसके अंतर्गत फूड प्रोसेसिंग यूनिट, उद्यानिकी केंद्र, शक्कर मिलें, फूड प्रक्योरमेंट और प्रोसेसिंग प्लांट लगाये जायेंगे।
विज़न डाक्यूमेंट में पहली प्राथमिकता स्वस्थ्य भोपाल है। इसके अंतर्गत सुपर स्पैशलिटी अस्पताल, हर वार्ड में फ्री हैल्थ क्लीनिक तथा गैस पीड़ितों को उपचार, पुनर्वास और रोजगार की बात है। खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिये स्पोर्टस् हब बनाया जायेगा, खासकर भोपाल में हाकी के पुराने दिन फिर वापस लेकर आयेंगे। डे-नाइट हाकी और क्रिकेट स्टेडियम बनेंगे। सुगम यातायात के लिये पब्लिक फ्रेन्डली ट्रांसपोर्ट प्रणाली विकसित की जायेगी। हर घर में नर्मदा जल पहुंचाने के लिये बड़ी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जायेगा। वाटर और वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी बनेगी। कमजोर वर्ग के लिये हाउसिंग स्कीम की बात भी की गयी है। अपराधों से सुरक्षा के लिये सेफ कैपिटल योजना लागू होगी। पुराने भोपाल को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जायेगा। कला के क्षेत्र में पिछले 15 सालों में जो होना चाहिये था, वह कुछ नहीं किया गया। इसलिये कला को अहमियत और कलाकारों को सहूलियत देने के लिये आर्ट सिटी और फिल्म सिटी विकसित की जायेगी।
उन्होंने कहा कि कांगे्रस और भाजपा में एक ही मूल अंतर है। कांगे्रस लोगों की सुनती है, राय लेती है और फिर विकास की रणनीति तैयार करती है, लेकिन भाजपा केवल मन की बात सुनाती है, जन की बात नहीं सुनती।
दिग्विजय का भोपाल को ग्लोबल टाउन बनाने का वादा, एजुकेशन हब और लॉजिस्टिक हब के साथ सीहोर को मेडिकल कॉलेज