सीएम कमलनाथ के करीबियों के 50 से अधिक ठिकानों पर आयकर का छापा, डायरी में मिले कई अफसरों के नाम

भोपाल,आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंंत्री कमलनाथ के करीबियों सहित देश के तीन राज्यों में 50 से अधिक स्थानों पर छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया है। आयकर विभाग ने मध्य प्रदेश, गोवा और दिल्ली में करीब 50 जगहों पर छापेमारी की है। जिसमें 300 अधिकारी जुटे हैं। जिन पर कार्रवाई हुई है उनमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़, भांजे रातुल पुरी, सलाहकार आर के मिगलानी, कक्कड़ के करीबी प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा के ठिकाने प्रमुख रूप से शरीक हैं। कक्कड़ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के बेहद करीबी रहे हैं,2004 में पुलिस विभाग की नौकरी छोड़ने के बाद वह भूरिया के केंद्रीय मंत्री रहते हुए OSD रहे। इधर,शाम तक करीब 16 करोड़ रुपए मिलने की बात सामने आई है। उधर, दिल्ली में मिगलानी की दो लग्जरी कारों से अमेरिकी मुद्रा डॉलर मिले हैं। शाम को भोपाल में अश्विन शर्मा के घर छापे के दौरान मप्र पुलिस और सीआरपीएफ के बीच टकराव की स्थिति बन गई। सीआरपीएफ का कहना है कि मध्य प्रदेश पुलिस हमें काम नहीं करने दे रही है। कक्कड़ के इंदौर और भोपाल स्थित घर और दफ्तर में भी छापा मारा गया है। कक्कड़ के निवास के अलावा रतुलपुरी, अमीरा ग्रुप और मोजर बेयर पर भी छापे मारे गए हैं। कक्कड़ के करीबी अश्विन शर्मा के भोपाल स्थित प्लेटीनम प्लाजा के घर व ऑफिस पर छापेमारी की गई। इसके साथ ही कक्कड़ के इंदौर के विजयनगर स्थित घर में रविवार तड़के छापेमारी की गई। नई दिल्ली से आयकर विभाग की टीम सुबह 3 बजे उनके घर पहुंच गई। पूरी कार्रवाई सीआरपीएफ की मौजूदगी में हुई। तड़के 3 बजे से ही उनके घर पर छापेमारी शुरू कर दी गई। जिन चीजों को लेकर टीम को शक है, उनकी तलाश की जा रही है। कक्कड़ के इंदौर स्थित घर के अलावा उनके भोपाल के घर और दफ्तर में भी छापे मारे गए हैं।
इन पर हुई कार्रवाई
प्रवीण कक्कड़ (कमल नाथ के निजी सचिव)
रातुल पुरी (कमल नाथ के भांजे)
आरके मिगलानी (मुख्यमंत्री के सलाहकार)
प्रतीक जोशी (प्रवीण कक्कड़ के करीबी)
अश्विन शर्मा (प्रवीण कक्कड़ के करीबी)
केंद्रीय बल-मप्र पुलिस में टकराव
मध्यप्रदेश के आयकर अफसरों को कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई थी। दिल्ली की टीम ने मध्यप्रदेश पुलिस की भी मदद नहीं ली। पहली बार सीआरपीएफ को कार्रवाई में शामिल किया गया। अश्विन शर्मा के घर छापे के दौरान मप्र पुलिस और सीआरपीएफ के बीच टकराव की स्थिति बन गई। सीआरपीएफ ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस हमें काम नहीं करने दे रही है।
ऐसे हुई कार्रवाई
राजीव सक्सेना का प्रत्यर्पण दुबई से हुआ है। अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील मामले में वह आरोपी है। प्रवर्तन निदेशालय ने जब राजीव से पूछताछ की तो उसने कमल नाथ के भांजे रातुल पुरी का नाम लिया। इसके बाद कुछ दिन पहले ही पुरी से भी ईडी ने पूछताछ की थी।
से प्रवर्तन निदेशालय ने कुछ दिन पहले ही पूछताछ की थी। इसके हफ्ते भर के अंदर कार्रवाई यह साबित करती है कि ईडी भांज ने ही ईडी को जानकारी दी होगी, इसके बाद ही रविवार तड़के 3 बजे कार्रवाई शुरू की गई।
दो कंपनियों का कार्रवाई
अमिता ग्रुप
मोजर बियर
प्लेटिनम प्लाजा में क्या?
भोपाल में प्लेटिनम प्लाजा की छठी मंजिल पर प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा का आवास है। दोनों ही मुख्यमंत्री कमल नाथ के पीए प्रवीण कक्कड़ के बेहद करीबी माने जाते हैं। यहीं पर दोनों के ऑफिस भी हैं। प्रतीक के घर से बड़ी मात्रा में नकदी जब्त की गई। अश्विन के पास दो दर्जन लग्जरी कारें मिलीं।
इंदौर में यहां कार्रवाई
यहां विजय नगर स्थित शोरूम, बीएमसी हाइट्स स्थित ऑफिस, शालीमार टाउनशिप और जलसा गार्डन, भोपाल स्थित आवास पर जांच की गई।
टीआई से पीए तक का सफर
कक्कड़ ने जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर से अर्थशास्त्र विषय में एम ए गोल्ड मेडलिस्ट है। प्रवीण कक्कड़ पूर्व पुलिस अधिकारी हैं। वे मप्र पुलिस में टीआई रहे थे। वे राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हैं। 2004 में नौकरी छोड़कर वे कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया के ओएसडी बनकर दिल्ली चले गए। साल 2004 से 2011 तक भारत सरकार में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के रूप में भी काम किया है। दिसंबर 2018 में कमलनाथ के ओएसडी बन गए।
कौन हैं आरके मिगलानी?
आरके मिगलानी 30 साल से कमलनाथ के साथ जुड़े हैं और उनके सलाहकार हैं। मुख्यमंत्री से लोगों की मुलाकात और उनके अन्य कामों का जिम्मा मिगलानी ही संभालते हैं।
इनका कहना
हार की बौखलाहट: कांग्रेस
लोकसभा चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस पार्टी की छवि खराब करने और राजनैतिक दबाव बनाने का यह असफल प्रयास है। जनता भाजपा को चुनावों में करारा जवाब देगी।
– शोभा ओझा, मीडिया प्रमुख, मप्र कांग्रेस
हमारी कोई भूमिका नहीं : भाजपा
चुनाव आयोग और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियां चुनाव के दौरान काले धन पर नजर रखती हैं। यह उनका काम है, राजनीति से इसका कोई लेना-देना नहीं है।
अरुण जेटली, वित्त मंत्री
एक नजर में
300 अधिकारियों ने एक साथ की कार्रवाई
स्थानों पर मारा छापा
16 करोड़ रुपये नकद मिले
– मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, गोवा और दिल्ली में छापेमारी
-सीआरपीएफ और मप्र पुलिस में टकराव
-दिल्ली में आर के मिगलानी की दो लग्जरी कारों से अमेरिकी मुद्रा डॉलर मिले हैं
-विजय नगर इंदौर में कक्कड़ के घर से सूटकेस में भरे हुए 9 करोड़ रुपये जप्त हुए
– प्रवीण कक्कड़ के दफ्तर बीसीएम हाइट्स और जलसा सहित कुछ ठिकानों पर छापे

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