नई दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी का संसदीय बोर्ड 75 साल उम्र पार कर चुके नेताओं को लोकसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाए या नहीं, इसको लेकर संसदीय बोर्ड में गहन मंथन शुरू हो गया है। राज्यसभा के सदस्यों को लोकसभा के चुनाव में उम्मीदवार बनाने को लेकर भी संसदीय बोर्ड बैठक कर रहा है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा संगठन 75 वर्ष से अधिक के नेताओं को घर बैठाना चाहता है। पुलवामा की घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में सारे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में माहौल बना है। ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री चाहते हैं कि 75 वर्ष से ज्यादा उम्र के नेताओं को अब राजनीति से सेवानिवृत्त कर दिया जाए। वहीं संसदीय बोर्ड के ही कुछ सदस्य वर्तमान हालत में सभी नेताओं के टिकट काटने के पक्ष में नहीं है।
भारतीय जनता पार्टी में 75 साल से ऊपर वाले नेताओं में लालकृष्ण आडवाणी (91), मुरली मनोहर जोशी (84), सुमित्रा महाजन (75), भगत सिंह कोश्यारी (76) करिया मुंडा (82), विजया चक्रवर्ती (78), शांता कुमार (83), हुकुमदेव नारायण यादव 78 साल के ऊपर तलवार लटक रही हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी को एक चिंता यह भी है यदि 75 वर्ष से अधिक के नेताओं को टिकट नहीं दी गई या उन्हें कोई संवैधानिक पद नहीं दिया गया तो वह विद्रोह कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में संसदीय बोर्ड स्थितियों पर गंभीरता से विचार विमर्श कर रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और पूर्व मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा जिस तरह से बगावत का बिगुल बजा रहे हैं, उसकी सुगबुगाहट पार्टी के अंदर भी सुनाई दे रही है।
भाजपा संसदीय बोर्ड में 75 पार नेताओं के टिकटों पर माथापच्ची की जा रही