MP में कोल जनजाति को विशेष पिछड़ी जनजाति घोषित किया जायेगा, बनेगा कोल विकास प्राधिकरण

भोपाल,मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि आदिवासी समाज हमारे प्रदेश की पहचान है। इनका सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश के विकास का एक ऐसा रोडमेप तैयार कर रहे हैं, जिसमें समाज के सभी वर्गों के कल्याण की योजनाएँ शामिल होंगी। नाथ आज उमरिया में बांधवगढ़ शबरी कोल महाकुंभ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश में कोल विकास प्राधिकरण बनाने और कोल जनजाति को विशेष पिछड़ी जनजाति घोषित करने के लिये केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री कमल नाथ का उमरिया में मध्यप्रदेश आदिवासी कोल समाज सेवा संघ द्वारा आयोजित शबरी कोल महाकुंभ में परंपरागत आदिवासी टोपी पहनाकर स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि हमारा वचन-पत्र सरकार का काम करने का मुख्य एजेंडा है। वचन-पत्र में प्रदेश के विकास के साथ किसानों, नौजवानों, कमजोर वर्गों, पिछड़ों और गरीबों के आर्थिक उत्थान का वादा है। हम इस वचन-पत्र की सभी चुनौतियों से निपटते हुए इसे पूरा करेंगे और प्रदेश में विकास का एक नया इतिहास बनायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा आज का आदिवासी युवा आगे बढ़ने के लिये तत्पर है। सरकार इन युवाओं को काम करने के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश में निवेश और औद्योगीकरण का जाल बिछाकर हर बेरोजगार को रोजगार देने की सुनियोजित योजना बना रहे हैं। युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने के लिये बड़े पैमाने पर मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना में प्रशिक्षण देने का अभियान चला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल समाज को मुख्य-धारा में लाने के लिये और विशेषकर युवाओं और महिलाओं की तरक्की के लिये हम वचनबद्ध हैं। उन्होंने हाल ही में किसानों की कर्ज माफी और युवाओं के लिये शुरू की गई रोजगार योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र पर आधारित अर्थ-व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।मुख्यमंत्री के कोल समाज के शबरी महाकुंभ पहुंचने पर परंपरागत तरीके से स्वागत किया गया। उन्हें प्रतीक स्वरूप शबरी के झूठे बेर भी खिलाये गये और माता शबरी का आदमकद छायाचित्र भेंट किया गया।

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