श्रीनगर, जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले के सिलसिले में पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने इसके बारे में जानकारी दी है। पुलिस ने आत्मघाती हमले की योजना से जुड़े होने के संदेह में इन युवकों को पुलवामा और अवंतीपुरा से हिरासत में लिया है। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए हैं। अपनी तरह के इस पहले आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी ने विस्फोटक से लदे वाहन को सीआरपीएफ की बस से टकरा दिया था। ऐसा माना जाता है कि इस पूरे हमले की योजना एक पाकिस्तानी नागरिक कामरान ने बनायी थी, जो जैश ए मोहम्मद का सदस्य है। कामरान, दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, अवंतीपुरा और त्राल इलाके में सक्रिय है। फिदायीन(आत्मघाती हमलावर) की पहचान आदिल अहमद के रूप में की गई है। पुलवामा के काकापुरा इलाके का निवासी आदिल 2018 में जैश में शामिल हुआ था। प्रारंभिक जांच के अनुसार दक्षिण कश्मीर के त्राल इलाके के मिदूरा में इस आतंकी हमले की योजना बनायी गयी थी। पुलिस, जैश के एक अन्य स्थानीय सक्रिय सदस्य की तलाश कर रही है जो विस्फोटकों की व्यवस्था में सहायता ही । आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाला आतंकी आदिल अहमद उर्फ कमांडो उर्फ वकास दक्षिण कश्मीर के गुंडीबाग काकपोरा पुलवामा का रहने वाला था। ये जगह हमले की जगह से सिर्फ 10 किलोमीटर दूर है। इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि वह 10वीं फेल भी था और दस महीने पहले ही वह आतंकी बना था। आतंकी आदिल की उम्र सिर्फ 21 साल थी। तीन बार फेल होने के बाद दसवीं पास करने वाले आदिल अहमद को सुरक्षाबलों ने सी-श्रेणी के आतंकियों में सूचीबद्ध कर रखा था। उसके ऊपर तीन लाख का इनाम भी घोषित था। पुलवामा आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तान में छह महीने पहले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय में रची गई थी। इस आतंकी साजिश में तीन मुख्य किरदार मसूद अजहर, राशिद गाजी और आदिल थे। साजिश के बारे में कश्मीर में मौजूद आंतकी संगठनो को भी नही बताया गया था।
जैश के सक्रिय आतंकियों की धर पकड़ में जुटी पुलिस, दर्जन भर संदिग्ध हिरासत में लिए गए