खरगोन,महेश्वर बांध परियोजना के मुआवजा वितरण में किसानों थे जमीन अधिग्रहण का जो मुआवजा मिला था। उस पर अधिकारियों ने 10 फ़ीसदी टीडीएस काटकर आयकर विभाग में जमा किया था। 2013 में कसरावद बड़वाह मंडलेश्वर और महेश्वर के लगभग 2000 किसानों को मुआवजा वितरित हुआ था।
जिन किसानों का टीडीएस काटा था।उन्होंने वकीलों से मिलकर टैक्स रिटर्न ले लिया। भू अर्जन अधिकारियों को दो अलग अलग तरीके से टैक्स काटकर अलग-अलग खातों में जमा करना था। लेकिन उन्होंने एक ही खाते में जमा किया। जिसके कारण आयकर विभाग ने किसानों को रिफंड वापस कर दिया। आयकर की धारा 194 ए के तहत मुआवजे पर ब्याज की राशि तथा 194 एले में राशि जमा करने होती है। लेकिन टीडीएस के रूप में जमा करने से प्रभावित किसानों ने आयकर विभाग से लगभग 35 करोड़ रुपए का रिफंड ले लिया।
मामले के उजागर होने के बाद आयकर विभाग ने अब भू अर्जन अधिकारी और किसानों से 35 करोड़ रुपए वसूल करने के लिए कार्यवाही शुरू की है। प्रधान आयकर आयुक्त शैली जिंदल और खंडवा के अपर आयकर आयुक्त डीजे बोरीचा ने कहा कि वह जल्द से जल्द गलत ढंग से रिफंड की राशि मुआवजा पीड़तों से वसूल करेंगे।
निमाड़ के 2000 किसानों से आयकर विभाग वसूलेगा 35 करोड़