शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती बोले जनेऊधारी हनुमान दलित थे क्या

जबलपुर, वाराणसी में 25 से 27 नवम्बर तक चली धर्म संसद के बाद पहली बार जबलपुर पहुंचे शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा भाजपा के नेता धर्म को मजाक बना रहे हैं। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने हनुमान जी को दलित बता दिया। जो हिन्दू धर्म का अपमान है। यदि योगी ने हनुमाान चालीसा पढ़ी होती तो वे इस तरह की गलती नहीं करते। शंकराचार्य ने हनुमान चालीसा की चौपाई कांधे मूज जनेऊ साजे का जिक्र करते हुए कहा कि जो हनुमान जी जनेउâ पहनते हैं क्या वे दलित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के पूर्व दलित शब्द हिन्दू धर्म में नहीं था। आजादी के बाद कुछ राजनेताओं ने इस शब्द का प्रयोग किया।
स्वामी स्वरूपानंद शास्त्री ने कहा कि जिस गर्भगृह में रामलला विराजमान थे उससे 192 फूट दूर स्थित सिंहद्वार पर कतिपया संस्थाओं द्वारा सिलान्यास करवाया गया था। मंदिर निर्माण के लिए राम भक्तों से करोड़ों रुपए का चंदा भी विश्व हिन्दू परिषद ने लिया। यह राशि कहां है इसकी जानकारी किसी को नहीं है। अब सरकार सरयू तट पर 221 मीटर ऊंची राम की प्रतिमा बना रही है। जिसमें करीब 800 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मंदिर निर्माण की राशि स्टैच्यू निर्माण में खर्च करना भक्तों की भावनाओं के विपरीत है। यदि यह राशि भक्तों द्वारा दी गई है तो इससे राम मंदिर का ही निर्माण होना चाहिए।
ऐसा हो राम मंदिर
स्वामी स्वरूपानंद शास्त्री ने कहा कि ११ वीं शताब्दी में जिस तरह के मंदिरों के निर्माण कराया गया था। उसी अनुरूप में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण होना चाहिए। शंकराचार्य ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनसे मंदिर निर्माण की अपेक्षाएं थीं अब वे खुद पीछे हट रहे हैं। राम मंदिर निर्माण की जगह स्टैच्यू निर्माण उनकी प्राथमिकता बन गया है। सत्तारूढ़ भाजपा सरकार करोड़ों हिन्दुओं की आस्था के साथ खेल रही है।
मस्जिद तो कभी थी ही नहीं
प्रेसवार्ता के दौरान शंकराचार्य ने दावा किया कि बाबर अयोध्या गया ही नहीं था। न ही वहां किसी मस्जिद का निर्माण किया गया था। विश्व हिन्दू परिषद ने मस्जिद तोड़ने का सिर्फ नाटक किया था। श्रीराम जन्मभूमि पुनरूद्धार समिति की याचिका पर कोर्ट ने भी यह स्वीकार किया था कि वहां मस्जिद नहीं थी। यदि वाकई सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है तो सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई कराके इस मामले का निस्तारण किया जा सकता है।
मोदी सरकार पर हमला
स्वामी स्वरूपानंद शास्त्री ने कहा कि देश में किसान आंदोलन कर रहे हैं। कई तरह की समस्याएं हैं और 2019 में चुनाव भी होने वाले हैं, इसलिए राम मंदिर का मुद्दा उछाला जा रहा है। नोटबंदी से आतंकवाद समाप्त करने का दावा किया जा रहा था लेकिन अभी भी सीमा पर रोज हमले हो रहे हैं। कश्मीर में जवान मारे जा रहे हैं। मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए स्वामी जी ने कहा कि उन्हें सरकार से उम्मीद थी कि इस सरकार के कार्यकाल में गौ हत्या बंद होगी। लेकिन विश्व में सबसे ज्यादा गौमांस का निर्यात भारत से हो रहा है। गंगा अब भी प्रदूषित है और सरकार कुछ नहीं कर पा रही है।
समान सिविल कोड नहीं लाई सरकार
स्वामी जी ने कहा कि सरकार समान सिविल कोड की बात करती थी लेकिन चुनाव जीतने के बाद इसको लागू नहीं किया गया। ऐसे कानून बनाए जा रहे हैं जो हिन्दू धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाते हैं। सबरीमाल मंदिर का जिक्र करते हुए स्वामी जी ने कहा कि यह कानून हिन्दुओं की आस्था पर चोट है। भाजपा इसका राजनीतिकरण करके फायदा उठाना चाह रही है।

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