रायपुर,रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा कि मुंबई जैसा हादसा ना हो इसके लिए देश के 202 स्टेशनों का चयन कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने हाल ही में अमृतसर में हुए दर्दनाक हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने बिलासपुर से लौटते समय देखा कि रायपुर में भी रेल लाइन के किनारे ही रावण दहन किया जाता है। यहां भी व्हीव्हीआईपी का आगमन होता है। निश्चित ही भीड़ होती है। अब यहां डब्ल्यूआरएस के मैदान में रावण दहन नहीं होगा।
आरपीएफ के महानिदेशक का पद संभालने के बाद अरुण कुमार सभी जोन में भ्रमण पर निकले हैं। पहली बार रायपुर पहुंचे अरुण कुमार ने आज यहां महानदी रेस्ट हाउस डब्ल्यूआरएस रायपुर में पत्रकार वार्ता ली। उन्होंने कहा कि आज बिलासपुर में तीनों डिवाजनों की मीटिंग व सुरक्षा सम्मेलन कर रायपुर आना हुआ। उन्होंने रायपुर रेल मंडल में रेलवे की सुरक्षा और पिछले दिनों की गई कार्रवाई की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि रेलवे की सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए आरपीएफ में भर्ती की जाएगी। करीब 10 हजार पोस्ट निकाले गए हैं। 19 दिसबंर से 65 जोन में परीक्षा होगी। भर्ती के बाद प्रशिक्षण होगा। उन्होंने कहा कि 8 हजार से अधिक कांस्टेबल और 1200 सब इंस्पेरक्टर के लिए भर्ती होनी है। 2003 के पूर्व आरपीएफ केवल रेलवे प्रापटी की सुरक्षा करती थी। 2003 के बाद सुरक्षा व अन्य कार्यों में भी आरपीएफ ध्यान देती है। उन्होंने रेलवे सुरक्षा बल की ओर से रायपुर रेल मंडल में इस वर्ष अक्टूबर माह तक कुल 83 मामले रेलवे संपत्ति अधिनियम के तहत दर्ज किया गया। इसमें 102 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कार्रवाई कर कब्जे से 1,35,553 रुपए की बरामद किए। इसी तरह 10,144 व्यक्तियों को रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। इनके खिलाफ कार्रवाई कर 26 लाख 38 हजार 200 रुपए बतौर जुर्माना वसूल किया गया।
अब रेल लाइन के किनारे नहीं होगा रावण दहन